गोरखपुर। साइबर जालसाजों ने एक व्यापारी को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर स्टॉक इन्वेस्टमेंट के नाम पर 42.50 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर भरोसा जीतने के लिए मुंबई के होटल में मीटिंग और हवाई टिकट तक भेजा। रामगढ़ताल क्षेत्र के जैमिनी गार्डेनिया अपाॅर्टमेंट निवासी मोहित श्रीवास्तव ने साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पीड़ित के अनुसार, 31 जनवरी और 6 फरवरी 2026 को उन्हें दो व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिनके एडमिन जतिन शर्मा, डॉ. राजीव सिंह और खुशी गोयल थे। ग्रुप में स्टॉक मार्केट से जुड़े टिप्स और ट्रेनिंग दी जाती थी, जिससे भरोसा बना। कुछ समय बाद आरोपितों ने खुद को वेल्थ एलायंस और अल्फा एलायंस नामक एलीट ग्रुप का सदस्य बताते हुए हर साल 500-600 प्रतिशत मुनाफे का दावा किया। इसके अलावा 28 अप्रैल को मुंबई के ताज होटल में कार्यक्रम कराने की बात कहकर हवाई टिकट भी भेजा, जो जांच में सही निकला। बाद में माइकल कॉलिन्स नाम के व्यक्ति को ग्रुप में जोड़कर एक एप के जरिये ट्रेडिंग शुरू कराई गई। आरोपियों ने अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर कराए।
शुरुआती दिनों में फर्जी तरीके से मुनाफा दिखाकर विश्वास बढ़ाया गया। इसी झांसे में आकर मोहित श्रीवास्तव ने कुल 42.50 लाख रुपये निवेश कर दिए। एप में रकम बढ़कर करीब एक करोड़ रुपये दिखने लगी लेकिन जब उन्होंने रुपये निकालने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला और सभी संपर्क टूट गए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी मोहम्मद राशिद खान ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कई खातों में ट्रांसफर कराए रुपये
जालसाजों ने अलग-अलग कंपनियों और फर्मों के नाम पर बैंक खाते देकर पीड़ित से कुल 42.50 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। यह रकम एसबीआई, एचडीएफसी समेत अन्य खातों से आरटीजीएस और ऑनलाइन माध्यम से भेजी गई। रकम जुटाने के लिए पीड़ित ने अपने पुराने निवेश तक निकाल लिए। यहीं नहीं जालसाजों ने कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से मिलते जुलते फर्जी कंपनियों के आईपीओ में निवेश कराने का झांसा दिया। शुरू में 95 प्रतिशत तक मुनाफा दिखाया गया, लेकिन बाद में बिना अनुमति के लाखों रुपये के अतिरिक्त शेयर अलॉट कर दिए गए। जब पीड़ित ने शेयर बेचने की कोशिश की तो पेंडिंग पेमेंट का हवाला देकर रोक दिया गया। पीड़ित के अनुसार ग्रुप में कई सदस्य नियमित रूप से फंड ट्रांसफर, मुनाफा और विड्रॉल के स्क्रीनशॉट डालते थे। लेकिन किसी से फोन पर संपर्क नहीं हो सका।