शासन के निर्देश पर जिले में वक्फ की संपत्तियों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में कुल 964 वक्फ की संपत्तियां राजस्व रिकॉर्ड में मिली है। इसमें सबसे ज्यादा सदर तहसील यानी शहर में 29 हेक्टेयर जमीन सरकारी निकली है और इस पर वक्फ की संपत्ति का दावा किया गया है। यह जमीनें बेतियाहाता, तुर्कमानपुर, मोहद्दीपुर, डोमिनगढ़, बहरामुपर, मियां बाजार आदि इलाकों में है।
जिले में 57.81 हेक्टेयर सरकारी जमीनों पर वक्फ की संपत्ति के नाम पर कब्जा है। प्रशासन के सर्वे में 346 स्थानों पर ऐसी जमीनें मिली हैं जो ग्राम समाज की हैं और वक्फ संपत्ति के नाम से रिकॉर्ड में दर्ज है। इन जमीनों पर लंबे समय से कब्जा भी है। सबसे ज्यादा सदर तहसील में 114 संपत्तियां मिली हैं। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में प्रशासन ने तहसीलवार जमीनों का ब्यौरा भेजा है।
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शासन के निर्देश पर जिले में वक्फ की संपत्तियों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में कुल 964 वक्फ की संपत्तियां राजस्व रिकॉर्ड में मिली है। इसमें सबसे ज्यादा सदर तहसील यानी शहर में 29 हेक्टेयर जमीन सरकारी निकली है और इस पर वक्फ की संपत्ति का दावा किया गया है। यह जमीनें बेतियाहाता, तुर्कमानपुर, मोहद्दीपुर, डोमिनगढ़, बहरामुपर, मियां बाजार आदि इलाकों में है।
इसके अलावा सहजनवां में 66 संपत्ति मिली है जिसका रकबा 8.404 हेक्टेयर और चौरीचौरा में 36 संपत्तियां 6.470 हेक्टेयर जमीन पर है। सबसे कम खजनी तहसील में 2.880 हेक्टेयर जमीन पर 32 वक्फ की संपत्तियां हैं। इनमें से ज्यादा पर या तो कब्रिस्तान है या फिर कब्जा करके दुकान-मकान बन गए हैं। इन संपत्तियों का ब्यौरा लखनऊ में हुए जेपीसी कमेटी की बैठक में भी रखा गया है।
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वक्फ की संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का आकलन कराने के लिए सर्वे कराया गया था। जिले में कुल 964 वक्फ की संपत्तियां मिली हैं। इनमें 346 संपत्तियां सरकारी जमीन पर है। रिपोर्ट शासन को भेजी गई है:कृष्णा करुणेश, डीएम