गोरखपुर। सीएमओ बनकर रुपये मांगने के मामले में पुलिस की जांच में नया तथ्य सामने आया है। सीएमओ ने जो नंबर बताया और सिकरीगंज स्थित अस्पताल के संचालक ने जो नंबर दिया, दोनों एक ही हैं। आरोप है कि इसी नंबर पर बात होने के बाद संचालक ने सीएमओ ऑफिस स्थित मंदिर के पास जाकर रुपये दिए थे।
अब कैंट पुलिस ने अस्पताल संचालक को संदिग्ध की पहचान करने के लिए बुलाया है। दरअसल, कुछ दिन पहले मोबाइल नंबर 8419...... से खुद को सीएमओ डाॅ. राजेश झा बताकर कई लोगों से रुपये मांगे गए थे। संदेह होने पर मामला उजागर हुआ और सीएमओ की तहरीर पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि नंबर लखीमपुर खीरी निवासी व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है, जबकि तकनीकी सर्विलांस से इसके महाराष्ट्र में संचालित होने के संकेत मिले।
सीएमओ ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया था कि किसी प्रकार का लेनदेन नहीं हुआ है। हालांकि, काॅल डिटेल और संपर्क में आए लोगों से पूछताछ के दौरान एक अस्पताल संचालक ने पुलिस को बताया कि उसने रुपये दिए थे। सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश अस्पताल के संचालक राजेश राय ने जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत की है।
दरअसल, कुछ दिनों पहले राजेश राय के अस्पताल में 30 मरीजों की आंख के ऑपरेशन के बाद संक्रमण फैल गया था। इसके बाद नौ मरीजों की आंख निकालनी पड़ी, साथ ही 10 मरीजों की रोशनी चली गई। आरोप है कि जालसाज ने सीएमओ बनकर कॉल कर कार्रवाई से बचाने की बात कहकर रुपये मांगे, जिसके बाद उन्होंने 15 लाख रुपये दे दिए। यह रकम किसे और किस माध्यम से दी गई, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने उन्हें बयान दर्ज कराने बुलाया है।
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में हर पहलू पर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।