सिपाही की दरिंदगी की शिकार हुई मासूम के परिवारवालों का अब पुलिस सहारा बनेगी। शहर को हिला देने वाली इस घटना में पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। पीड़ित परिवार के घर का एक साल का किराया और मृतक की तीन बहनों की पढ़ाई का खर्च पुलिस उठाएगी। इसके साथ ही बच्चियों की सुरक्षा का जिम्मा भी उठाएगी और रोजाना स्कूल पहुंचाने और घर छोड़ने के लिए भी पुलिस तैयार रहेगी।
पीड़ित परिवार की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है। इसे देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने शनिवार को पीड़ित परिवार की मदद के लिए कार्ययोजना तैयार की है। निर्णय लिया गया कि पीड़ित परिवार जिस किराए के मकान में रह रहा है, उसका एक वर्ष का किराया विभाग की ओर से दिया जाएगा।
इसके लिए मकान मालिक से बातचीत कर अग्रिम भुगतान की तैयारी की जा रही है ताकि परिवार को आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े। परिवार की अन्य बच्चियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस विभाग उनकी शिक्षा का पूरा खर्च वहन करेगा। किताबें, स्कूल ड्रेस, फीस और पढ़ाई से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं की व्यवस्था भी विभाग की ओर से कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों की शिक्षा किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दी जाएगी। घटना के बाद परिवार की बच्चियां मानसिक रूप से काफी प्रभावित हैं। उनके मन से डर कम करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। सुरक्षित माहौल देने के लिए पुलिसकर्मी बच्चियों को स्कूल पहुंचाएंगे और छुट्टी के बाद उन्हें सुरक्षित घर तक लाएंगे।
बोले अधिकारी
पुलिस की यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है बल्कि परिवार के विश्वास को दोबारा मजबूत करने का प्रयास है। एक पुलिसकर्मी की करतूत से विभाग की छवि को जो नुकसान पहुंचा है, उसे सुधारने के लिए पुलिस परिवार की हर जरूरत का ध्यान रखेगी।
परिवार को आवश्यकता के अनुसार आगे भी हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चियों की सुरक्षा, शिक्षा और परिवार की अन्य जरूरतों में किसी तरह की कमी न रहे: डॉ. कौस्तुभ, एसएसपी