शहर में एग्जिट पोल के बाद सोमवार रात से सट्टेबाजों ने अपना खेल शुरू कर दिया था। आईपीएल और विश्व कप के बाद चुनावों के परिणामों पर भी इस बार पूरा खेल ऑनलाइन संचालित किया गया। सूत्रों ने बताया कि शहर के कई बाजारों से सट्टा दुबई और बाहर के देशों तक खेला गया था। सट्टेबाजी के इस खेल में एक दिन में करोड़ों रुपये इधर से उधर हो गए।
शहर में सट्टे गोलघर, शाही मार्केट, मेडिकल कॉलेज, तारामंडल, राप्तीनगर, बेतियाहाता और सिविल लाइंस रोड से संचालित हुए। सट्टेबाजों ने भाजपा की जीत पर 100 रुपये पर 50 का और कांग्रेस की जीत पर 100 पर 300 रुपये का भाव रखा। एग्जिट पोल के बाद एनडीए को 300 से 400 और गठबंधन को 150 से 170 के बीच सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा था।
सट्टेबाजों ने कांग्रेस पर दोहरा भाव लगा दिया था। प्रतिबंध और लगातार कार्रवाई के बाद भी महादेव एप और अन्ना रेड्डी एप पर लोकसभा चुनाव को लेकर जमकर सट्टेबाजी हुई। सूत्रों ने बताया कि मतगणना शुरू होने एक दिन पहले ही भाव खुलता गया और फिर भाव लगता गया।
फर्जी खाते से लाखों-करोड़ों रुपये ऑनलाइन यूपीआई से जमा कराए गए और भुगतान भी इसी माध्यम से किया गया। महादेव एप, अन्ना रेड्डी, स्कूल एक्स, बेटभाई, अरुण सक्ती आदि के संचालक सोशल मीडिया पर अपना धंधा चलाते हैं। टेलीग्राम, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि के जरिए आईडी बेच रहे हैं। अपने एजेंटों के माध्यम से पैनल बांट कर चैनल को संचालित करते हैं।
शहर में सट्टेबाज व्हाट्सएप पर बेचते हैं आईडी
पैसा लगाने वालों को व्हाट्सएप पर आईडी बेची गई, जिसके जरिए सट्टेबाजों ने पैसे लगाए। व्हाट्सएप पर इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर दांव लगाने का प्लेटफाॅर्म उपलब्ध कराया गया। एग्जिट पोल के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के प्रगति रिपोर्ट की जानकारी देकर भाव तय किया गया।
मास्टरमाइंड नहीं पकड़े गए
एसटीएफ ने पिछले दिनों कुशीनगर के दो आरोपियों की गिरफ्तार किया था। इनके बयान के आधार पर कुछ नाम सामने आए थे। इसमें गिरफ्तार किए गए आरोपी का एक रिश्तेदार भाई है, जो दुबई में रहता है। शहर के कुछ धंधेबाज भी इस रैकेट से जुड़े हैं और इस रिश्तेदार के भाई के करीबी हैं।
गोरखपुर से दुबई जाकर उसी के साथ होटल और अन्य व्यापार में जुड़ गए हैं। एक्जिट पोल के बाद शहर के इन्हीं धंधेबाजों के द्वारा लाखों-करोड़ों रुपये सट्टा एप पर लगा था।
केंद्रीय एजेंसी कर सकती हैं बड़ी कार्रवाई
देश की एक केंद्रीय एजेंसी ने मतगणना के ठीक एक दिन पहले शहर के हिंदी बाजार में छापा मारा था। सूत्रों की मानें तो जल्द ही इसी बाजार के अगल-बगल के बाजार पर केंद्रीय एजेंसी बड़ी कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि ऐसी ही कार्रवाई पिछले दिनों एक एजेंसी की तरफ से गोरखपुर में दो बड़े उद्यमियों पर की गई थी। एजेंसी के पास जानकारी है कि इस सेंटर से सट्टा, जमीन और अन्य कारोबार के जरिए हवाला में रुपये खपाया जाता है।