डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर लिखा- “मैं मजबूती से खड़ी रही। 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कानून मौजूद है, जरूरत है उसे सक्रिय करने की। यह बदले की बात नहीं, बल्कि लड़कियों की गरिमा की रक्षा का प्रश्न है। किसी को भी घूरने या पीछा करने का अधिकार नहीं है। हम सम्मान की पात्र हैं, इसलिए हर महिला को सिर उठाकर बाहर निकलना चाहिए।
डरो मत…अपनी आवाज उठाओ, मुझे 24 घंटे के भीतर ही इंसाफ मिल गया। मेरा लेख मेरी अंतरात्मा की आवाज है, जो सभी लड़कियों को यह संदेश देना चाहती है कि न्याय पाने की शुरुआत खुद से होती है। आपको तय करना होगा कि चुप रहना कमजोरी है, विकल्प नहीं।
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ये बातें एम्स की महिला डॉक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा कीं। रविवार की रात छेड़खानी की घटना की पीड़ित इस डॉक्टर की इन बातों को सोशल मीडिया पर खूब समर्थन भी मिल रहा है। लोग उनके जज्बे की सराहना कर रहे हैं।
दरअसल, 22 फरवरी को नगालैंड की रहने वाली डॉक्टर (जूनियर रेजिडेंट) एम्स से निकलकर मोहद्दीपुर स्थित एक मॉल में गई थीं। मॉल से बाहर निकलते ही तीन मनचलों ने उन पर नस्लीय टिप्पणी की और अभद्र टिप्पणियां करते हुए उनका पीछा किया।
मॉल से एम्स तक करीब डेढ़ किमी तक उनका पीछा किया गया। एक्स पर की गई पोस्ट का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन तीसरे आरोपी को भी दबोच लिया।
ईडी ने एम्स में डॉक्टरों संग किया संवाद
- फोटो : स्त्रोत- एम्स प्रबंधन
डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर लिखा- “मैं मजबूती से खड़ी रही। 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कानून मौजूद है, जरूरत है उसे सक्रिय करने की। यह बदले की बात नहीं, बल्कि लड़कियों की गरिमा की रक्षा का प्रश्न है। किसी को भी घूरने या पीछा करने का अधिकार नहीं है। हम सम्मान की पात्र हैं, इसलिए हर महिला को सिर उठाकर बाहर निकलना चाहिए।
घटना के बाद भी नहीं डरीं, ओपीडी करती रहीं
घटना के अगले दिन एम्स प्रबंधन ने पीड़ित डॉक्टर से बातचीत की। पहले दिन वह थोड़ी घबराई हुई थीं लेकिन अधिकारियों ने उनका मनोबल बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने उसी दिन से ओपीडी में चिकित्सकीय सेवाएं देना शुरू कर दिया।
ईडी ने डॉक्टरों संग बैठक कर बताए आत्मरक्षा के उपाय
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने सभी विभागों के डॉक्टरों के साथ बैठक कर भरोसा दिलाया कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रशासन उनके साथ रहेगा। साथ ही छात्र-छात्राओं को हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी गई और सतर्क रहने की सलाह दी गई।