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Gorakhpur News: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार

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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला जालसाज पुलिस की गिरफ्त में । स्रोत पुलिस
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- फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवकों को नौकरी का झांसा देकर की थी ठगी
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर वार्ड संख्या-8 शक्तिनगर हरपुर निवासी दीपभान और जितेंद्र साहनी से लाखों की ठगी के आरोपी को पीपीगंज पुलिस ने रविवार को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान चिलुआताल के ओमकार नगर महुआतर महुआतर निवासी सत्यवान सिंह के रूप में हुई है। आरोपी ने फर्जी जॉइनिंग लेटर और पहचान पत्र के जरिये पीड़ित को रेलवे में नियुक्ति का भरोसा दिलाया था।

पीपीगंज थानाप्रभारी अरुण सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में दीपभान और जितेंद्र साहनी की मुलाकात सत्यरूपा सिंह नामक युवती से हुई थी। उसने खुद को रेलवे में टिकट क्लर्क पद पर कार्यरत बताया और दोनों को रेलवे के ग्रुप-डी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसकी बातों में आकर दोनों पीड़ितों ने वर्ष 2018 से 2024 के बीच अलग-अलग किश्तों में नौ-नौ लाख रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से दे दिए। इसके बाद सत्यरूपा ने कुछ अन्य लोगों से मिलवाया, जिन्हें रेलवे का अधिकारी बताया गया।
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इन लोगों ने ई-मेल के जरिये रेलवे का फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजा। आरोप है कि ठगों ने पीड़ितों को दिल्ली ले जाकर मेडिकल परीक्षण भी कराया और करीब तीन महीने तक फर्जी ट्रेनिंग दिलवाई। इसी दौरान पीड़ितों को ठगी का शक हुआ।
जब उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मामले की शिकायत मिलने पर पीपीगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान फर्जी जॉइनिंग लेटर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ठगी की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी सत्यवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके अन्य साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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आरोपी मूलरूप से ग्राम आभूराम, थाना पीपीगंज को रहने वाला है। जो वर्तमान में ओमकार नगर महुआतर, चिलुआताल में रह रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। फर्जी दस्तावेज तैयार करने और रुपये की वसूली में प्रयुक्त अन्य माध्यमों की भी जांच की जा रही है।
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