महानगर के अलीनगर की निवासी और नौ वर्षीय टीबी चैंपियन की मां लालती शर्मा ने बताया कि उनके बेटे को स्थानीय संस्था सेवामार्ग के प्रतिनिधि एचके शर्मा ने गोद लिया था। वह बच्चे का हालचाल लेते रहे। सीएमओ कार्यालय बुला कर खाने की पौष्टिक चीजें दी गईं। क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता आशा देवी, ट्रिटमेंट सुपरवाइजर गोविंद और मयंक ने उनकी काफी मदद की। आशा ने घर पर दवाएं पहुंचाईं। नतीजा यह हुआ कि अब उनका बेटा स्वस्थ हो चुका है और स्कूल भी जाने लगा है।
स्कूलों में भी चल रहा है अभियान
जिला पीपीएम-कोआर्डिनेटर अभय नारायण मिश्र ने बताया कि टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी और जिला कार्यक्रम समन्वयक धर्मवीर प्रताप सिंह के सहयोग से स्कूल-कालेज में अभियान चलाया जा रहा है। विश्व महिला दिवस पर कई कॉलेज में जाकर टीबी के बारे में बताया गया और बाल रोगियों को गोद लेने की अपील भी की गई।
बच्चों को टीबी से मुक्त कराएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि बच्चों को टीबी से मुक्ति दिलाना उनके लिए एक उज्जवल भविष्य की नींव रखने जैसा है। टीबी पीड़ित बच्चे की शिक्षा प्रभावित होती है। बच्चों की शीघ्र स्वस्थ होना आवश्यक है। सामाजिक लोगों और संगठनों को इस कार्य के लिए स्वतः आगे आना चाहिए।