- एक सप्ताह से आय और जाति प्रमाणपत्रों पर नहीं लग रही रिपोर्ट, बच्चों के भविष्य और आवेदन की समयसीमा को लेकर परेशान हैं लोग
गोरखपुर। लेखपालों के आंदोलन ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के करीब 678 लेखपालों के ऑनलाइन कार्य बहिष्कार से लगभग 8700 प्रमाणपत्र लंबित होने का दावा लेखपाल संघ ने किया है। आय और जाति प्रमाणपत्र बनवाने वाले सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसी को बच्चों की छात्रवृत्ति प्रभावित होने का डर सता रहा है तो कोई जाति प्रमाणपत्र नहीं मिलने से निर्धारित समयसीमा में आवेदन करने को लेकर चिंतित है। एक सप्ताह से आवेदनों पर लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लगने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस बीच लेखपालों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़ दिया है।
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आय प्रमाणपत्र अटके, अभिभावकों को छात्रवृत्ति की चिंता
रामनगर कॉलोनी, गोरखनाथ निवासी राकेश चंद्र गुप्ता ने अपने बेटों शोभित और सारस्वत गुप्ता की छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाणपत्र का आवेदन किया है। लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगने से दोनों प्रमाणपत्र लंबित हैं। राकेश को आशंका है कि समय पर दस्तावेज नहीं मिले तो उनके बेटों की छात्रवृत्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसी तरह जंगल दीर्घ सिंह निवासी कुलदीप कुमार, मंगलपुर टोला जगदीशपुर निवासी जितेंद्र, जंगल तिकोनिया निवासी श्रेया शर्मा और झुंगिया बाजार निवासी रवि प्रकाश के आय प्रमाणपत्र भी करीब एक सप्ताह से अटके हैं। जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने से अभिभावक आगे की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं।
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जाति प्रमाणपत्र के अभाव में समय सीमा चूकने का डर
जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वालों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं। दीवान बाजार निवासी शांती गुप्ता, कैथवलिया छोटी, गोपालपुर निवासी रेशमा गौड़, जंगल बेनीमाधव, मोहरीपुर निवासी विनय कुशवाहा और छपिया निवासी इंद्रदेव के आवेदन करीब एक सप्ताह से लंबित हैं।
आवेदकों को विभिन्न फॉर्म भरने के लिए जाति प्रमाणपत्र की जरूरत है। उनका कहना है कि यदि समय पर प्रमाणपत्र नहीं मिला तो निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करना मुश्किल हो जाएगा। इससे उनकी आगे की योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने कहा कि मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। उनके अनुसार, अब तक करीब 8700 आवेदन लंबित हो चुके हैं। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
लेखपालों और राजस्व अधिकारी संगठनों से बातचीत चल रही है। जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, निर्धारित समय में आवेदनों का निस्तारण कराने की भी कोशिश की जाएगी। - हिमांशु वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी