गोरखपुर। फ्रैक्चर के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक इम्प्लांट्स और सर्जिकल उपकरणों की जानकारी देने के लिए एम्स में कार्यशाला आयोजित की गई। हड्डी रोग विभाग, सर्जरी विभाग और डेप्यू सिंथेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट्स एवं सर्जिकल वर्कस्टेशन’ कार्यशाला में 85 नर्सिंग अधिकारियों और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) तकनीशियनों ने प्रशिक्षण लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य ओटी कर्मियों को फ्रैक्चर फिक्सेशन के सिद्धांतों, इम्प्लांट्स के सही इस्तेमाल और सुरक्षित सर्जिकल प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था। इससे ऑपरेशन के दौरान मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चिकित्सा कर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ाने में मदद मिलेगी। एम्स की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता के संरक्षण और डीन अकादमिक प्रो. डॉ. महिमा मित्तल के सह-संरक्षण में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक एवं अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजय भारती ने की।
तकनीकी सत्रों में डॉ. नितीश कुमार ने फ्रैक्चर फिक्सेशन, डॉ. राजेंद्र कुमार पिपल ने इंट्रामेडुलरी नेलिंग और डॉ. विवेक कुमार ने प्लेट्स के प्रकार एवं उनके उपयोग की जानकारी दी। डॉ. मनीष कुमार ने ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और सर्जिकल तकनीकों में हुए नवीन बदलावों के बारे में बताया। वहीं, प्रो. डॉ. अजय भारती ने ओटी में अनुशासन बनाए रखने और संक्रमण की रोकथाम के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में टीएनए नेलिंग सिस्टम से संबंधित वीडियो दिखाए गए। विशेषज्ञों ने आधुनिक इम्प्लांट्स और उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। इससे प्रतिभागियों को फ्रैक्चर के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों और उपकरणों की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।