गोरखपुर कैंट यार्ड रिमाडलिंग एवं गोरखपुर कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन के लिए रेल प्रशासन ने पूर्व में लिए गए मेगा ब्लाॅक की अवधि बढ़ा दी है। इसके चलते 6 से 11 सितंबर तक 76 ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। 11 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन, 17 ट्रेनों के समय का पुनर्निर्धारण और 19 ट्रेनों का संचालन बीच रास्ते से करने का निर्णय लिया है।
11 सितंबर को पूर्वाेत्तर रेलवे के रेल संरक्षा आयुक्त नई लाइन का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण में सब कुछ ठीक रहा तो तीसरी लाइन से ट्रेनों को चलाया जाएगा। यह पूर्वाेत्तर रेलवे की पहली तीसरी लाइन होगी।
गोरखपुर कैंट यार्ड रिमाडलिंग के बाद सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित हो जाएगा। यहां पर लाइनें एवं प्लेटफार्म संख्या बढ़ जाएगी। इसके बाद देवरिया और पडरौना जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन यहां से किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के समय में सुधार आएगा और गोरखपुर जंक्शन पर भी भीड़ कम होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि कैंट स्टेशन के यार्ड रिमाडलिंग एवं गोरखपुर-कुसम्ही तीसरी लाइन के निर्माण से कई सहूलियतें बढ़ जाएंगी। ट्रेनों को चलाने के लिए एक नया विकल्प मिल जाएगा। कैंट स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा। नॉन इंटरलॉकिंग सिस्टम नए भवन से संचालित होगा तो पुराना भवन हटाया जा सकेगा। वहां प्लेटफॉर्म व अन्य सुविधाएं हो सकेंगी।