गोरखपुर। जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया कि मई तक 7174 अति कुपोषित बच्चे जिले में चिन्हित किये गए हैं। जून में शुरू हुए ''एक कदम सुपोषण की ओर'' अभियान के तहत 627 से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा चुका है। इन बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने सुपोषण की खुराक दी है। साथ ही विभाग की तरफ से खानपान संबंधी सलाह भी दी गई। अभिभावकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि छह माह तक बच्चे को सिर्फ स्तनपान करवाना है। छह माह से दो वर्ष की उम्र तक स्तनपान के साथ साथ पूरक आहार भी देना है। पूरक आहार में घरेलू आहार जैसे अनाज, दाल, दलिया, फल आदि ही देना है। विभाग की ओर से कुपोषित बच्चों को दो किलो चने की दाल, दो किलो दलिया और आधा किलो रिफाइन देने का प्रावधान है। बताया कि अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 58.52 फीसदी से अधिक बच्चों के पोषण स्तर का आंकलन कर पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकृत किया जा चुका है। सभी बच्चों की एंट्री के बाद जिले में जो नए कुपोषित बच्चे मिलेंगे उन्हें भी स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं से जोड़ा जाएगा ।