बिजली निगम के बड़े बकायेदारों के खिलाफ शुक्रवार को बड़ा अभियान चला। शहरी खंड में कुल 23 टीमें एक साथ निकली थीं। अभियंताओं के नेतृत्व में चले अभियान में 506 बकायेदारों के कनेक्शनों की जांच की गई। इनमें 219 उपभोक्ताओं ने चेक, नकद के माध्यम से मौके पर ही कुल 69 लाख रुपये भुगतान कर दिया। जबकि, 287 कनेक्शन लंबे समय से भुगतान नहीं किए जाने की वजह से काट दिए गए। इन पर तीन करोड़ 26 लाख रुपये का बकाया था।
अभियान में निगम के खाते में 69.24 लाख रुपये बिजली बिल का बकाया जमा करवाया गया। बिजली निगम के चेयरमैन एम देवराज ने हर हाल में बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अधीक्षण अभियंता शहर यूसी वर्मा ने बताया कि टाउनहाल, बलदेवा प्लाजा, मोहद्दीपुर, मेडिकल कॉलेज, राप्तीनगर, बक्शीपुर, सहारा इस्टेट आदि इलाकों में सघन जांच कराई गई जिन बकायेदार उपभोक्ताओं का विवरण नहीं मिला, उनके कागज में चल रहे कनेक्शन का स्थायी विच्छेदन कराया जाएगा। सबसे ज्यादा 50 कनेक्शनों की जांच तारामंडल क्षेत्र में की गई। सबसे ज्यादा बकाया खोराबार क्षेत्र में जमा कराया गया।
मीटर रीडरों की खामी से बढ़ गया बिल
जांच एजेंसी जब परीक्षण करने निकली तो बिलिंग एजेंसी के मीटर रीडरों की खामी सामने आई। उपभोक्ताओं ने बताया कि मीटर रीडरों को क्षेत्र में देखे काफी समय बीत गया है। ऐसे में समय से बिजली बिल नहीं बन पाता। विकास नगर के एक उपभोक्ता ने कहा कि हम बिल समय से जमा करना चाहते हैं, लेकिन मीटर रीडरों की गलती की सजा उपभोक्ता को भुगतनी पड़ती है।
ऑनलाइन ही जमा कर दिया बिल
सहारा इस्टेट में जांच के लिए पहुंची टीम ने सूची के आधार पर उपभोक्ताओं की बिजली बकाये में काटनी शुरू की थी। उपभोक्ता ने अपने बिजली बिल की जानकारी ली और यूपीपीसीएल पर जाकर भुगतान कर दिया।