संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे रिंग रोड निर्माण से प्रभावित 50 किसान, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दिया समाधान का आश्वासन
कैंपियरगंज तहसील में बनेगी हेल्प डेस्क, नोडल अधिकारी, एनएचएआई के अधिकारी और एसएलओ के कर्मचारी करेंगे किसानों की मदद
आर्बिट्रेशन दाखिल करने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में भी करेंगे सहायता
कार्यदायी संस्था करा रही जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड का निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपीगंज (गोरखपुर)। जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड निर्माण से प्रभावित 50 किसान शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में कैंपियरगंज तहसील पहुंचे। डीएम से मिलने की उम्मीद लेकर गए किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शाश्वत त्रिपुरारी को अपनी पीड़ा सुनाई। मुआवजे की रकम बढ़ाने की मांग दोहराई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उनकी समस्याओं के समुचित समाधान का आश्वासन देते हुए सभी को आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) दाखिल करने की सलाह दी। मदद के लिए तहसील परिसर में हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया।
जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड की जद में आई अपनी जमीन का कम मुआवजा मिलने से किसान निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को गोलीगंज के पास भइयाराम गांव में पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यदायी संस्था ने काम शुरू कराया है। इससे किसानों में नाराजगी है। शनिवार को कैंपियरगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के आने की सूचना किसानों को मिली। इस पर 50 से अधिक किसान उनसे मिलने के लिए तहसील पहुंच गए। लेकिन डीएम नहीं आए।
किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शाश्वत त्रिपुरारी के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने तहसील स्तर पर एक हेल्प डेस्क बनाने को कहा। हेल्प डेस्क पर एक नोडल अधिकारी, एनएचएआई के अधिकारी और एसएलओ के कर्मचारी को तैनात किया जाएगा। जो किसानों के भूमि अधिग्रहण की समस्याओं सुनकर उनका निस्तारण कराएंगे। आर्बिट्रेशन दाखिल करने, इसके इसलिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, किसकी कितनी भूमि का अधिग्रहण हुआ है, सहित अन्य जानकारी हेल्प डेस्क पर उपलब्ध कराई जाएगी।
दूसरे दिन भी जारी रहा रिंग रोड का निर्माण कार्य, पुलिस तैनात
सोनौली-जंगल कौड़िया रिंग रोड के लिए भइयाराम, साहबगंज, जंगल अगही, बगहीभारी, जंगल बिहुली सहित आधा दर्जन गांवों में किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। क्षेत्र के किसान कम मुआवजा मिलने की वजह से विरोध जता रहे हैं। शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में काम शुरू कराया गया। इसका विरोध जताते हुए किसान जुट गए थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 48 लोगों को पाबंद कर दिया। इसके बाद किसान घर लौट गए। दूसरे दिन शनिवार को भी निर्माण कार्य जारी रहा। किसानों के विरोध को लेकर पीपीगंज पुलिस तैनात और सजग रही।
कोट
संपूर्ण समाधान दिवस में किसान पहुंचे थे। उनकी बात सुनकर हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया गया है। किसानों की हर समस्या का समाधान किया जाएगा। सभी को बताया गया है कि वह अपनी जमीन से संबंधित आर्बिट्रेशन दाखिल करें। : शाश्वत त्रिपुरारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, कैंपियरगंज