गोरखपुर जिले के गीडा इलाके के एक बैंक प्रबंधक मनीष चंद्रा के पास भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह के नाम पर फोन कर 5.75 लाख रुपये की जालसाजी करने वाले गिरोह के एक सदस्य एकराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान गोपालपुर थाना तरयासुजान, जिला कुशीनगर के रूप में हुई है। आरोपी को रविवार को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी इससे पूर्व भी तरयासुजान थाने से जालसाजी के आरोप में जेल जा चुका है।
लखनऊ के कानपुर रोड निवासी मनीष चंद्रा ने 10 मार्च को साइबर थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर कॉल करके खुद को विधायक फतेह बहादुर बताया। उनसे तत्काल एक अकाउंट में 5.75 लाख रुपये स्थानांतरित करने के लिए कहा।
शाखा प्रबंधक पर प्रभाव जमाने के लिए उसने ऑफिशियल मेल का भी हवाला दिया। मनीष ने इसे सच मानते हुए विधायक फतेह बहादुर के बैंक खाते से 5.75 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिया था। साइबर थाने की पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी। साइबर थाने की जांच में पता चला कि मनीष चंद्रा के पास जिस मोबाइल नंबर से कॉल आई थी, वह नंबर गलत तरीके से हासिल किया गया है।
आरोपी ने बिहार के जिस खाते में रुपये ट्रांसफर कराया था, वहां से रुपये एक पेटीएम पर ट्रांसफर किए गए हैं। जांच में पता चला कि वह पेटीएम नंबर का सिम कुशीनगर से खरीदा गया है। छानबीन के दौरान पता चला कि एकराम ने फोटो व आधारकार्ड दूसरे का लेकर यह नंबर हासिल किया है।
साइबर थाने की टीम ने एकराम को कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाने के तमकुहीराज कस्बे से गिरफ्तार किया है। उसके पास से पांच आधार कार्ड, दो वोटर कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आरसी, एक रजिस्टर, एक पाकेट डायरी, दो बैंक पास बुक आदि बरामद किया है। आरोपित को गिरफ्तार करने वाली टीम में साइबर थाना निरीक्षक सूर्यभान सिंह, उप निरीक्षक विनायक सिंह आदि शामिल हैं।
ऐसे किया वारदात
एकराम ने पुलिस को बताया है कि वह रुपयों की लालच में सलाउद्दीन अंसारी तरयासुजान के साथ मिला था। दोनों ने हीरा कुशवाहा नाम के व्यक्ति के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया। इसकी मदद से सिम हासिल की। सलाउद्दीन को एक अन्य जालसाजी के मामले में देवरिया पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है। पुलिस के मुताबिक एकराम एक शातिर साइबर अपराधी बनना चाहता था।