अगर आपका घर गांव में है और शहर में रहते हैं, साथ में आधार कार्ड भी शहर के पते पर है तो वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा। इसके अलावा अगर दो ग्राम पंचायतों में किसी मतदाता का नाम है तो एक को हटाया जाएगा।
चुनाव आयोग ने साफ्टवेयर की मदद से जिले में 5.16 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम प्रशासन को सौंपे हैं। शनिवार तक कुल 12 हजार मतदाताओं की जांच कर ली गई, जिसमें करीब 10 फीसदी से ज्यादा डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान हुई है। ऐसे वोटरों का नाम सूची से हटाया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत के निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण अभियान के तहत 24 नवंबर तक वोटर लिस्ट को सुधारने का काम चलेगा। इसके लिए 2000 बीएलओ लगाए गए हैं, जो घरों पर जाकर डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर रहे हैं। मतदाता सूची में 4 लाख 63 हजार 678 नए वोटर बढ़े हैं जबकि 2 लाख 46 हजार 655 वोटरों के नाम काटे गए हैं। यानी मतदाता सूची में 2 लाख 17 हजार 23 वोटरों के नाम बढ़ेंगे।
अभियान के तहत जो लोग गांव में रह रहे हैं उनसे आधार कार्ड के अंतिम चार अंक नोट किए जा रहे हैं। दरअसल, चुनाव आयोग ने जांच के लिए जो सूची सौंपी है वह नाम, पिता का नाम और जेंडर के आधार पर है। इसमें अलग-अलग जन्मतिथि का रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची में और नाम भी बढ़ सकते हैं।
एडीईओ जेएन मौर्या ने बताया कि 24 नवंबर तक आयोग से मिली सूची का सत्यापन करा लिया जाएगा। जिन मतदाताओं के नाम बढ़े या हटे हैं, एसडीएम स्तर से सूची अपलोड की जा रही है। सभी मतदाता अपने यहां के बीएलओ से संपर्क कर आधार कार्ड के अखिरी चार नंबर नोट करवा दें ताकि सूची को सही किया जा सके।
कैंपियरगंज में हैं सबसे ज्यादा डुप्लीकेट मतदाता
चुनाव आयोग की संभावित सूची के मुताबिक, कैंपियरगंज ब्लॉक में सबसे ज्यादा डुप्लीकेट मतदाता हैं। यहां कुल मतदाता 171394 संख्या है। इसमें 37621 डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए गए हैं। सबसे कम डुप्लीकेट मतदाता जंगल कौड़िया में 14352 हैं।
15 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची होगी प्रकाशित
24 नवंबर तक ड्राफ्ट नामावलियों की कंप्यूटरीकृत पांडुलिपि तैयार की जाएगी। पांच दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। छह दिसंबर से 12 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां मांगी जाएंगी। 13 दिसंबर से 19 दिसंबर तक आपत्तियों का निस्तारण और 15 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।