अस्पताल में कार्यरत 45 कर्मचारियों को पिछले छह महीने से मानदेय नहीं मिल रहा था। इसे लेकर कर्मचारियों ने कुछ दिन पहले प्रदर्शन कर दिया। इसके बाद से इन पर कार्रवाई की पृष्ठभूमि तैयार कर ली गई थी। रविवार को सेवा प्रदाता फर्म ने ईमेल कर कर्मचारियों को बाहर करने की जानकारी दी है।
एयरपोर्ट के पास स्थित 100 बेड टीबी अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मानदेय के लिए प्रदर्शन करना महंगा पड़ा। एक साथ सभी 45 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाते हुए नोटिस थमा दिया गया है। इसके साथ ही सेवा प्रदाता फर्म ने भी स्वास्थ्य विभाग से अपने अनुबंध को खत्म कर दिया है। अब इससे सोमवार से अस्पताल के संचालक में दिक्कत आनी तय है, क्योंकि वहां पर डॉक्टरों को छोड़कर पैरामेडिकल स्टॉफ, सफाई आदि सब आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भरोसे ही चलता है।
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दरअसल, अस्पताल में कार्यरत 45 कर्मचारियों को पिछले छह महीने से मानदेय नहीं मिल रहा था। इसे लेकर कर्मचारियों ने कुछ दिन पहले प्रदर्शन कर दिया। इसके बाद से इन पर कार्रवाई की पृष्ठभूमि तैयार कर ली गई थी। रविवार को सेवा प्रदाता फर्म ने ईमेल कर कर्मचारियों को बाहर करने की जानकारी दी है। रविवार को आउटसोर्सिंग कर्मियों ने ड्यूटी की, हालांकि उन्होंने हाजिरी नहीं लगाई।
बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के पास स्थित 100 बेड टीबी सह सामान्य अस्पताल में आउटसोर्सिंग से तैनात 45 कर्मचारी फरवरी वर्ष 2016 से आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं। पहले इनकी तैनाती अवनी-परिधि फर्म के जरिए हुई थी। जुलाई 2021 से उनकी सेवा प्रदाता फर्म को बदलकर दिल्ली की चींटी इंटरप्राइजेज कर दिया गया। फर्म ने छह महीने पहले से बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू कर दी। इसके लिए अस्पताल के अंदर एक बायोमेट्रिक मशीन लगी है। सिर्फ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए ही बायोमेट्रिक हाजिरी ली जा रही हैं।
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कर्मचारियों का जब से बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू हुई। तब से कर्मचारियों का मानदेय नहीं मिला था। आठ फरवरी को कर्मचारियों के खाते में चार महीने का मानदेय मिला। इसमें भी बायोमेट्रिक हाजिरी के नाम पर मनमानी कटौती हो गई। इसमें चार हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक कर्मचारियों को कम मानदेय मिला। फर्म ने इस कटौती की वजह बायोमेट्रिक हाजिरी के रिकॉर्ड को माना है। इसी का कर्मचारी विरोध कर रहे थे।
सभी पदों पर थी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की तैनाती
अस्पताल में 18 चिकित्सकों के अलावा करीब 40 स्थाई कर्मचारी तैनात है। इसके अलावा पैरामेडिकल स्टाफ में 45 आउटसोर्सिंग कर्मी तैनात है। इनमें 15 स्टाफ नर्स, तीन वार्ड ब्वाय, 10 चपरासी, 10 स्वीपर, एक-एक लैब अटेंडेंट, ओटी अटेंडेंट, धोबी, कहार, प्लंबर, व इलेक्ट्रीशियन तैनात हैं। इनका मानदेय 7600 से 19 हजार के बीच है। शनिवार की रात ईमेल में कर्मचारियों को अनुशासनहीन बताते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों का काॅल रिसीव नहीं किया और बाद में फोन बंद कर लिया।
तोड़ी गई थी मशीन, सीसी टीवी कैमरे की मांग भी किए
अस्पताल में कर्मचारियों की हाजिरी के लिए लगाई गई बायोमेट्रिक मशीन को किसी ने तोड़ दिया। आरोप आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर लगा। हालांकि, वह लगातार पहले से ही सीसी टीवी कैमरे की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि अक्सर बिजली न होने या फिर इंटरनेट में दिक्कत होने की वजह से मशीन काम नहीं करता था। किसी बाहरी ने इसे जानबूझकर तोड़ा है और उन्हें फंसाया जा रहा है।
इसकी जानकारी मिली है, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों के बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारी के भरोसे ही मरीजों का उपचार किया जाता है। किसी भी कर्मचारी को बाहर नहीं होने दिया जाएगा। फर्म का कर्मचारियों को बाहर का फैसला गलत है, सोमवार को इसे लेकर बातचीत करूंगा।-डॉ. एके वर्मा, सीएमएस, टीबी अस्पताल