- सुबह 11 बजे से ही गीता प्रेस पहुंचने लगे थे अतिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शुक्रवार को गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समापन समारोह के साक्षी करीब 400 लोग बने। प्रधानमंत्री मंच पर आए तो सभी ने एक साथ खड़े होकर उन्हें सम्मान दिया। प्रधानमंत्री ने भी सभी का अभिवादन किया।
गीता प्रेस परिसर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए एक दिन पहले ही सजकर तैयार हो गया था। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का गवाह बनने के लिए सुबह 11 बजे से ही अतिथि अपनी सीट ग्रहण करने लगे थे। अतिथियों को जांच-पड़ताल के बाद परिसर के उत्तरी गेट से प्रवेश दिया गया। दोपहर दो बजे तक पंडाल अतिथियों से भर गया। प्रधानमंत्री के आने के बाद लोग उन्हें देखकर उत्साहित नजर आए। गीता प्रेस के ट्रस्टी और कर्मचारी भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद गदगद दिखे।
अतिथियों को उपहार स्वरूप दी गईं दो पुस्तकें
गीता प्रेस प्रबंधन की ओर से शताब्दी वर्ष समापन समारोह में आमंत्रित अतिथियों को दो पुस्तकें भेंट की। इन पुस्तकों में गीता प्रेस के संस्थापक जयदयाल गोयंदका की ओर से लिखी गई पुस्तक चिंता शोक कैसे मिटे व आनंद कैसे मिले, शामिल रहीं।
गीता प्रेस का इतिहास हम सभी को गौरव की अनुभूति कराता है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होकर गर्व की अनुभूति हो रही है।
- प्रहलाद गुप्ता
गीता प्रेस की देश ही नहीं, दुनिया भर में पहचान है। प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक साथ एक कार्यक्रम में देखकर अच्छा लगा।
-राजू लुहारिका
-धार्मिक पुस्तकों के क्षेत्र में गीता प्रेस का विशिष्ट स्थान है। धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करने वाला ऐसा दुनिया में कोई दूसरा प्रेस नहीं है।
दुर्गेश त्रिपाठी