गोरखपुर जिले में रविवार को 388 कोरोना पॉजिटिव मिले। चार संक्रमितों की मौत भी हो गई। संक्रमितों में बीआरडी और निजी अस्पताल के दो-दो डॉक्टर समेत जीडीए के 54 कर्मी, रेलवे अस्पताल के कई कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके बाद से जिले में संक्रमितों की 11132 पहुंच गई है। इनमें 7875 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि मौत का आंकड़ा 144 पहुंच गया है। 3113 एक्टिव केस हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इससे पूर्व करीब 20 से अधिक डॉक्टर और 30 से अधिक कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। उधर, जीडीए में एक साथ 54 कर्मचारियों के पॉजिटिव पाए जाने से हड़कंप मच गया है। रेलवे अस्पताल में जांच कराने वाले करीब 32 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
शहर और गांव में कई परिवार भी कोरोना की चपेट में आए हैं। इनमें बिछिया कॉलोनी और हुमायुंपुर और अधिंयारी बाग में एक ही परिवार के चार-चार लोग, कौड़ीराम, जाफरा बाजार, फर्टिलाइजर, बेतियाहाता मिर्जापुर और झरना टोला में एक ही परिवार के तीन-तीन लोग, धर्मशाला बाजार, बेतियाहाता नरकटिया में एक ही परिवार के दो लोग संक्रमित मिले हैं। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि संक्रमित के परिजनों की जांच कराई जाएगी।
कैंट थाना क्षेत्र में मिले सर्वाधिक 63 मरीज
शहर में 244 मरीज मिले हैं। इनमें सर्वाधिक कैंट थाना क्षेत्र के (63) हैं। शाहपुर में 41, चिलुआताल दो, गोरखनाथ 44, गुलहरिया एक, कोतवाली 27, राजघाट छह, तिवारीपुर दो, रामगढ़ताल में 58 मरीज मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 123 मरीज मिले हैं। इनमें बांसगांव, पाली में दो-दो, बड़हलगंज 12, बेलघाट तीन, भटहट छह, ब्रह्मपुर 10, कैंपियरगंज दो, चरगांवा 19, गगहा 15, जंगल कौड़िया एक, कौड़ीराम सात, खजनी नौ, खोराबार छह, पिपराइच, पिपरौली में चार-चार, सहजनवां 12 और सरदारनगर में नौ लोग शामिल हैं।
बीआरडी में हुई चार बीमारों की मौत
संक्रमितों के मौत के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिले में चार संक्रमितों की मौत रविवार को हुई। इनमें शाहपुर थाना क्षेत्र के सरदार पटेल नगर निवासी 46 व्यक्ति को शनिवार देर रात बीआरडी में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान अगली सुबह इनकी मौत हो गई।
सहजनवां थाना क्षेत्र के कोड़री निवासी 55 वर्षीय एक व्यक्ति को एक सितंबर को बीआरडी में भर्ती कराया गया था। महराजगंज के धर्मपुर चौक बाजार निवासी 50 वर्षीय महिला को 17 अगस्त को भर्ती किया गया था। इनके अलावा जिले की 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की भी मौत बीआरडी में हुई।
अवर अभियंता की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत
लखनऊ विकास प्राधिकरण में तैनात अवर अभियंता व गोरखपुर के जेल रोड निवासी नरेंद्र कुमार सिंह (55) की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। बताया जाता है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। परिजन फातिमा हॉस्पिटल लेकर गए। जहां भर्ती न होने की स्थिति में उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही उनकी मौत हो गई। उनकी कोविड जांच नहीं कराई गई थी लेकिन कोरोना के लक्षण मिलने की वजह से अस्पताल प्रबंधन ने शव को सुरक्षित रखवा दिया है। परिजनों ने निजी अस्पताल में जांच के लिए सैंपल भी दिया था। नरेंद्र इंजीनियर के संघ के बड़े नेता था। उनकी लखनऊ विकास प्राधिकरण सहित शासन में मजबूत पकड़ थी। वह गोरखपुर विकास प्राधिकरण में भी काम कर चुके थे।