गोरखपुर। नेपाल में गंडक नदी के तटबंधों पर कटान निरोधक कार्य कराने के लिए इस साल शासन स्तर से पांच परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इन पर कार्य कराने के लिए 36.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया को पूरा कर कार्य को शुरू कराया जाएगा। बाढ़ आने से पहले जून तक सभी कार्यों को करा लिया जाएगा।
गंडक नदी नेपाल की पहाड़ियों से निकल कर भारत में महराजगंज जिले में ठूठीबारी के करीब प्रवेश करती है। वहां से कुशीनगर होते बिहार की सीमा में प्रवेश कर जाती है। नेपाल में गंडक नदी पर बने तटबंध यदि टूट जाएंगे तो महराजगंज, कुशीनगर सहित बिहार में भारी तबाही होगी। इसलिए भारत-नेपाल मैत्री संधि के तहत हर साल गंडक नदी पर बने तटबंधों के मरम्मत का कार्य महराजगंज जिले का सिंचाई विभाग का बाढ़ खंड डिवीजन कराता है।
इस साल जिन पांच परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है उसमें नेपाल के नवलपरासी जिले के गंडक नदी के दाएं किनारे स्थित बी गैप के स्पर संख्या 05 डाउन स्ट्रीम में पुर्नस्थापना कार्य कराया जाना है। इस पर 371.09 लाख की लागत आएगी।
इसी तटबंध के बी गैप के स्पर संख्या 07 के नोज की पुर्नस्थापना कराया जाना है। इस पर 582.44 लाख की लागत आएगी। बी गैप के स्पर संख्या 16 से 17 तक बिटुमिन सड़क निर्माण एवं बाढ़ स्टोर की पुर्नस्थापना का कार्य कराना है। इस पर 298.50 लाख की लागत आएगी।
गंडक नदी के दाएं तट पर स्थित लिंक तटबंध के स्पर संख्या 01 व 02 व स्पर संख्या 03 के शैक सेक्शन सुधार कार्य की परियोजना इस पर 420.65 लाख की लागत आएगी। इसी प्रकार नेपाल तटबंध के किलो मीटर 9.140 से किलोमीटर 11.450 तक सेक्शन सुधार एवं सड़क निर्माण की परियोजना। इस पर 2013.72 लाख खर्च होंगे।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने कहा कि नेपाल के लिए पांच परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। इनके निर्माण पर 36.86 करोड़ की लागत आएगी। बहुत जल्द टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। टेंडर खुलने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।