गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक दिन में सर्वाधिक 30 मानचित्र के आवेदन स्वीकृत कर नया इतिहास रच दिया है। इससे पहले इस प्राधिकरण में कभी भी एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में मानचित्र नहीं स्वीकृत हुए। इन मानचित्रों के पास होने से प्राधिकरण को 1.03 करोड़ की आय भी हुई।
करीब साल भर पहले तक छोटी-छोटी कमियां गिनाकर मानचित्र के आवेदन लटकाने को लेकर जीडीए बदनाम था। मगर, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के नेतृत्व में अब उसी टीम ने यह दाग लगभग धुल दिया है। उपाध्यक्ष ने यहां पदभार संभालते ही सबसे पहले मानचित्र आवेदनों की व्यवस्था सुधारी।
व्यवस्था बनाई गई कि हर महीने मानचित्र आवेदन के लंबित मामलों की समीक्षा होगी। पिछले सप्ताह उपाध्यक्ष ने मानचित्र आवेदनों की समीक्षा की तो पता चला कि 60 से अधिक आवेदन फिर लंबित या अस्वीकृत हो गए हैं। उन्होंने संबंधित अवर अभियंताओं को निर्देश दिए कि छोटी-छोटी वजहों से जो भी आवेदन अस्वीकृत हुए हैं, उनके आवेदकों को बुलाकर खामियां दुरुस्त कराएं । इस निर्देश के बाद रोजाना 10-12 मानचित्र स्वीकृत किए जा रहे थे मगर मंगलवार को नया कीर्तिमान बन गया। 12 ऐसे मानचित्र भी रहे, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि जीडीए के इतिहास में पहली बार एक दिन में 30 मानचित्र पास किए गए हैं। इससे एक करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है। इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। प्राधिकरण पूरी कोशिश कर रहा है कि मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए लोगों को परेशान न होना पड़े।