गोरखपुर। नए मध्यस्थता केंद्र बनने और नए मध्यस्थों की तैनाती होने से अब रोजाना 30 मामलों में पक्षकारों के साथ बैठक कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। नए मध्यस्थता केंद्र के लिए दो शिफ्ट निर्धारित की गई हैं। पुराने केंद्र में पहले की तरह सुनवाई होगी।
नए केंद्र में पहली शिफ्ट सुबह 11:30 बजे से दोपहर दो बजे तक और दूसरी दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकालने की कोशिश होगी।
हर मामले में कम से कम तीन सिटिंग होगी। कम से कम 10 साल वकालत का अनुभव रखने वाले वकीलों को मध्यस्थ नियुक्त किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मीनाक्षी सिन्हा ने बताया कि सुनवाई तेज होने से पक्षकारों को बार-बार भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
इससे उनका समय और श्रम दोनों बचेंगे। मामलों का जल्द निस्तारण दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगा। साथ ही अदालतों पर मुकदमों का बोझ भी कम होगा। संवाद