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Gorakhpur News:बस्ती के पैरामेडिकल कॉलेज में 25 विद्यार्थियों का करवा दिया फर्जी प्रवेश, केस दर्ज

Thu, 11 Jul 2024 11:18 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

बस्ती जिले के सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज में डीफाॅर्मा में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2019 में 25 विद्यार्थियों से डेढ-डेढ़ लाख रुपये के हिसाब से करीब 38 लाख रुपये जमा कर लिए। फीस जमा कराकर विद्यार्थियों को फर्जी रजिस्ट्रेशन संख्या और जमा रसीद दे दी गई। कुछ विद्यार्थियों का फर्जी डिग्री थमा देने का भी आरोप है।
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बस्ती जिले के सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज में डीफाॅर्मा में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2019 में 25 विद्यार्थियों से डेढ-डेढ़ लाख रुपये के हिसाब से करीब 38 लाख रुपये जमा कर लिए। फीस जमा कराकर विद्यार्थियों को फर्जी रजिस्ट्रेशन संख्या और जमा रसीद दे दी गई। कुछ विद्यार्थियों का फर्जी डिग्री थमा देने का भी आरोप है।

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कॉलेज प्रबंधन में सहयोगी शाहपुर इलाके के राप्तीनगर निवासी व बद्रिका कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस के प्रबंधक सौरभ श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने नौ जुलाई को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद से ही कॉलेज का प्रबंधक फरार है।

जानकारी के मुताबिक, शाहपुर पुलिस ने बस्ती के मीरा हॉस्पिटल व सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज के मालिक सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी, मैनेजर गुलरिहा निवासी विश्वजीत और रजिस्ट्रार अमित के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया है।
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तहरीर देने वाले सौरभ ने पुलिस को बताया कि बस्ती के सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी से उनकी मुलाकात 2016-17 में हुई थी। तब उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया इंस्ट्टीयूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस एवं सावित्री कॉलेज चलाते हैं। यह हिमाचल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश व सिंघानिया विश्वविद्यालय राजस्थान से संबद्ध है। वह डीफार्मा का पाठ्यक्रम संचालित करते है।

उन्होंने बताया कि सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी ने उनसे कहा कि जो बच्चे डीफाॅर्मा के लिए एडमिशन लेंगे, उन्हें यह कोर्स सिंघानिया विश्वविद्यालय से कराया जाएगा। इसको लेकर दोनाें के बीच समझौता हुआ।

सौरभ ने 2019 में 66 विद्यार्थियों का डीफार्मा में प्रवेश करवाया। सौरभ का आरोप है कि इसमें से 25 ने कुछ महीने बाद शिकायत की, उनका प्रवेश नहीं हुआ है। सौरभ को छात्रों ने रसीद दिखाई। सत्यजीत से जब सौरभ ने ये बात बताई तो वह टालमटोल करने लगा। चार साल बाद सौरभ ने पुलिस अधिकारियों से मिलकर छात्रों के सारे कागजात प्रस्तुत किए।

बताया कि परीक्षा नहीं होने की शिकायत जब भी छात्र करते थे तो टालमटोल कर अगले सत्र में कराने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा फर्जी डिग्री दिए जाने का भी आरोप है।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज में डीफाॅर्मा में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा की शिकायत मिली थी। शाहपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच जांच सीओ गोरखनाथ को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


 

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