जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी भीड़।
खराब दिनचर्या व खानपान से बढ़ा टाइप टू मधुमेह
सोमवार को जिला अस्पताल में 664 रोगियों का उपचार
महराजगंज। शुगर कम उम्र के लोगों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा। सोमवार धुंधली नजर की शिकायत लेकर पहुंचे 24 रोगियों की जांच रिपोर्ट में टाइप टू मधुमेह पाया गया। महत्वपूर्ण यह रहा कि सभी की उम्र 35 वर्ष से कम थी और वह युवा श्रेणी में गिने जाते। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के मुताबिक सावधानी व दिनचर्या में बदलाव का सुझाव दिया। यह भी समझाया कि अभी उम्र कम है इसलिए टाइप टू शुगर कंट्रोल में आ सकता है।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 664 रोगियों का उपचार हुआ। सर्वाधिक रोगी वायरल फीवर, खांसी व बुखार के रहे। इसके साथ ही 24 रोगी ऐसे भी आए जिन्हें धुंधला नजर आने की समस्या थी। डाॅ. पवन कुमार ने इनकी जांच रिपोर्ट देखकर टाइप टू मधुमेह की पुष्टि हुई। बताया कि खराब दिनचर्या व असंतुलित खान-पान के कारण कम उम्र में शुगर अपनी मजबूती दिखा रहा। टाइप टू मधुमेह के लिए कारण वंशानुगत भी हो सकता है, लेकिन मौजूदा समय में डिब्बाबंद खानपान की अधिकता, व्यायाम से दूरी इत्यादि भी अहम कारण बन रहे। टाइप टू शुगर कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए जांच रिपोर्ट देखकर घबराने की जगह दिनचर्या व खानपान सुधारें। ऐसा करने से प्रभाव समाप्त किया जा सकता। शारीरिक गतिविधि बढ़ाकर कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ, जैसे सब्जियां, फल, साबुत अनाज के जरिये सुधार कर सकते हैं।