22 लाख की लूट : हफ्ते भर से अंधेरे में तीर चला रही है पुलिस
गोरखपुर। कैंट इलाके के सिंघड़िया स्थित विदेश भेजने वाली संस्था गल्फ इंस्टीट्यूट के दफ्तर में घुसकर 22 लाख रुपये की लूट के मामले में एक हफ्ते बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस अफसर जल्द खुलासा का दावा तो करते हैं लेकिन असल में पूरा मामला क्या है इस पर खामोशी कायम है। शुरुआती जांच के बाद ही घर और दफ्तर से 29 लाख रुपये और फर्जी दस्तावेज बरामद होने के बाद पुलिस ने लूट को संदिग्ध बता दिया लेकिन फिर लूट का केस दर्ज किया गया। अब लूट हुई या नहीं, अगर नहीं हुई तो असल में क्या हुआ, यह वह सवाल है जिसका जवाब पुलिस अब तक नहीं खोज पाई है।
जानकारी के मुुताबिक, 28 अक्तूबर की शाम सात बजे सिंघड़िया निवासी संस्था के संचालक संतोष सिंह ने पुलिस को 22 लाख रुपये लूट की सूचना दी थी। सूचना से हड़कंप मच गया था। एसएसपी मौके पर पहुंच गए थे। शुरुआती जांच के बाद ही 29 लाख रुपये और फर्जी दस्तावेज बरामद हो गए। जिसके बाद लूट संदिग्ध बता दी गई और पूरा मामला विदेश भेजने के नाम पर ठगी की ओर मुड़ गया लेकिन अब इसी बीच मारपीट का एक नया एंगल सामने आ गया है। सूत्रों की माने तो आपसी विवाद में मारपीट हुई थी और लूट की झूठी सूचना दी गई लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी कोई नहीं कर रहा है। सवाल यह उठता है कि 22 लाख रुपये की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस इस पूरे प्रकरण में साफ साफ कुछ भी बोलने से क्यों बच रही है। सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि छानबीन जारी है, जल्द ही पर्दाफाश कर लिया जाएगा।