कैंट इलाके का मामला, जालसाजों ने फर्जी दस्तावेजों से कराया पंजीकृत अनुबंध
विरोध पर जान से मारने की धमकी, बिल्डर ने कैंट थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कैंट थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस निवासी बसेरा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ज्ञान प्रकाश मणि त्रिपाठी से ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाजों ने बिल्डर एग्रीमेंट के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे पंजीकृत अनुबंध कराकर उनसे 2.15 करोड़ रुपये ठग लिए। रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने मामले में हरदिया पिछौरा निवासी आशुतोष मिश्रा, गोरख मिश्रा, रामाकांत पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, धमकी और आपराधिक साजिश की धाराओं में कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
ज्ञान प्रकाश मणि त्रिपाठी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि गोरख मिश्रा ने स्वयं को उनका रिश्तेदार बताते हुए बीपी इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर आशुतोष मिश्रा से मुलाकात कराई। आशुतोष मिश्रा ने मोहद्दीपुर स्थित लगभग 3200 वर्गफीट भूमि पर निर्माण से जुड़ा बिल्डर एग्रीमेंट अपने पास होने का दावा किया।
आरोप है कि आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए आशुतोष मिश्रा ने भू-स्वामी रमाकांत पांडेय की कथित लिखित सहमति दिखाई, जो बाद में पूरी तरह फर्जी निकली। इसी आधार पर 18 अगस्त 2023 को पीड़ित से पंजीकृत अनुबंध करा लिया गया।
अनुबंध के बाद आशुतोष मिश्रा और उसके सहयोगियों ने चेक, आरटीजीएस और नकद करीब एक करोड़ 65 लाख रुपये वसूल लिए। वहीं भू-स्वामी रमाकांत पांडेय के खाते में भी 10 लाख रुपये आरटीजीएस से ट्रांसफर कराए गए। इसके अतिरिक्त गोरख मिश्रा ने अलग-अलग तिथियों में लगभग 40 लाख रुपये की वसूली की। बाद में भू-स्वामी रमाकांत पांडेय ने किसी भी प्रकार की सहमति या हस्ताक्षर से इन्कार कर दिया। कुछ समय बाद आशुतोष मिश्रा ने भू-स्वामी से किया गया मूल बिल्डर एग्रीमेंट भी निरस्त करवा दिया, जिससे पूरे प्रकरण में संगठित ठगी की आशंका गहरा गई।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हत्या कराने की धमकी दी। मामले को लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय गोरखपुर में वाद विचाराधीन है। इसके बावजूद आरोप है कि 18 जुलाई 2025 को आरोपी अराजक तत्वों के साथ मौके पर पहुंचे और जबरन निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने कैंट थाने में जालसाजों के खिलाफ तहरीर दी।
वर्जन
पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट