गोरखपुर। पशुपालकों की आमदनी एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने नंदिनी कृषक योजना की शुरूआत की है। इसके तहत चार डेयरी फार्म खोलने के लिए आवेदन मांगे गए थे। 21 लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है। चयन के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी बनी है। संख्या अधिक होने के कारण चयन के लिए लाॅटरी सिस्टम अपनाया जा सकता है।
नंदिनी कृषक योजना में डेयरी फार्म खोलने के लिए प्रदेश के दस मंडलों का चयन किया गया है। उसमें गोरखपुर भी शामिल है। एक डेयरी फार्म में 25 गायों को रखना है। गायों को खरीदने के लिए 62 लाख की धनराशि मिलेगी। उसमें से आधी धनराशि सब्सिडी में दी जाएगी। जिन गायाें को पशुपालक खरीदेंगे वह देशी नस्ल यानी साहिवाल, थरपाकर, गिर व गंगातिरी नस्ल की होगी। गंगातिरी गायों की संख्या कम रहेगी। इसके अलावा कोई भी गाय पहली या दूसरी ब्यात से अधिक नही होनी चाहिए। इसके अलावा यह भी देखना है कि कोई गाय 10 लीटर से कम दूध देने वाली न हो।
पशुपालन विभाग की तरफ से इसके लिए 5 अक्तूबर तक आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 21 लोगों ने आवेदन किया है। उसमें से दो लोगों का आवेदन पूर्ण नही होने के कारण निरस्त हो सकता है। जिन लोगों का आवेदन स्वीकृत हुआ है उनके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी चयन करेगी। कमेटी में सीडीओ के अलावा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप दुग्ध अधिकारी और लीड बैंक के मैनेजर को शामिल किया गया है। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद एप के माध्यम से लाॅटरी निकाली जाएगी। उसमें जिसका नाम आएगा उसे डेयरी खोलने के लिए कहा जाएगा।
नंदिनी कृषक योजना के तहत खोले जाने वाले डेयरी फार्म के लिए 21 लोगों ने आवेदन जमा किया है। उसमें से दो लोगों का फार्म अपूर्ण है। यदि उसे पूरा नहीं किया, तो वह निरस्त किया जा सकता है। इसका चयन सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी। एप जारी किया जाएगा। उसके द्वारा लाॅटरी निकाली जाएगी। लाॅटरी में जिसका नाम निकलेगा वह डेयरी के लिए पात्र होगा।
-जी के सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी