जिला महिला अस्पताल की स्थिति यह है कि इमरजेंसी में प्रसव कराने वाली मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। इस अस्पताल में प्रतिदिन दो मशीनों से 60 से 70 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है।
फर्स्ट रेफरल यूनिट में रहने चाहिए अल्ट्रासाउंड मशीन
जिले में स्वास्थ्य विभाग ने सात सीएचसी को फर्स्ट रेफरल यूनिट बनाए हैं। इनमें चार क्रियाशील नहीं हैं। जबकि, सहजनवां, पिपराइच और कैंपियरगंज सीएचसी चल रहे हैं। इन केंद्रों पर हर सीजेरियन और सामान्य प्रसव भी होते हैं। इसके बावजूद इन केंद्रों में एक भी अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि विभाग के पास रेडियोलॉजिस्ट बेहद कम हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती महिला अस्पताल और एक की जिला अस्पताल में की गई है। इस वजह से सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं लगाई गईं हैं। जैसे ही रेडियोलॉजिस्ट मिलेंगे फर्स्ट रेफरल यूनिट के केंद्रों पर मशीनें प्राथमिकता के आधार पर लगाई जाएंगी।