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बदहाली: गोरखपुर जिले में 21 सीएचसी, एक में भी अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं

Mon, 17 Oct 2022 11:30 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

जनपद में 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत 205 उपकेंद्र बनाए गए हैं। 75 स्वास्थ्य केंद्र भी हैं। मौजूदा समय में 279 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन इनमें से एक भी केंद्र ऐसा नहीं है जहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन है। इस कारण इन केंद्रों पर गर्भवती समेत अल्ट्रासाउंड से जुड़ी तमाम बीमारियों का इलाज नहीं हो पा रहा है।
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अल्ट्रासाउंड मशीन। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर जिले में 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैं, लेकिन एक में भी अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। इसका खामियाजा मरीजों को तो भुगतना ही पड़ रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला महिला अस्पताल पर अनावश्यक दबाव भी बढ़ गया है। हालात यह हैं कि इमरजेंसी को छोड़ दिया जाए तो मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज में दो-दो माह और जिला महिला अस्पताल में एक सप्ताह बाद की तारीखें मिल रही हैं।

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जनपद में 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत 205 उपकेंद्र बनाए गए हैं। 75 स्वास्थ्य केंद्र भी हैं। मौजूदा समय में 279 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन इनमें से एक भी केंद्र ऐसा नहीं है जहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन है। इस कारण इन केंद्रों पर गर्भवती समेत अल्ट्रासाउंड से जुड़ी तमाम बीमारियों का इलाज नहीं हो पा रहा है।

ऐसे में लोगों को जिला महिला अस्पताल, जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भागना पड़ता है। इस वजह से इन अस्पतालों में संसाधन कम पड़ जाते हैं। इससे मरीजों को परेशानी होती है। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
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जिला महिला अस्पताल की स्थिति यह है कि इमरजेंसी में प्रसव कराने वाली मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। इस अस्पताल में प्रतिदिन दो मशीनों से 60 से 70 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है।  

फर्स्ट रेफरल यूनिट में रहने चाहिए अल्ट्रासाउंड मशीन
जिले में स्वास्थ्य विभाग ने सात सीएचसी को फर्स्ट रेफरल यूनिट बनाए हैं। इनमें चार क्रियाशील नहीं हैं। जबकि, सहजनवां, पिपराइच और कैंपियरगंज सीएचसी चल रहे हैं। इन केंद्रों पर हर सीजेरियन और सामान्य प्रसव भी होते हैं। इसके बावजूद इन केंद्रों में एक भी अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है।  

सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि विभाग के पास रेडियोलॉजिस्ट बेहद कम हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती महिला अस्पताल और एक की जिला अस्पताल में की गई है। इस वजह से सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं लगाई गईं हैं। जैसे ही रेडियोलॉजिस्ट मिलेंगे फर्स्ट रेफरल यूनिट के केंद्रों पर मशीनें प्राथमिकता के आधार पर लगाई जाएंगी।
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