इंसेफेलाइटिस वार्ड में इस साल अब तक भर्ती 40 में से 14 बच्चों में जेई और एईएस की पुष्टि हुई है। इनमें केवल एक बच्चे में जापानी इंसेफेलाइटिस का वायरस मिला है। अन्य बच्चों में कोई भी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम नहीं मिला है।
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इंसेफेलाइटिस मरीजों की पांच तरह की जाती है जांच
इंसेफेलाइटिस के लक्षण वाले मरीजों की जांच पांच तरह की होती है। इनमें जेई, स्क्रब टाइफस, चिकनगुनिया, मलेरिया और डेंगू की जांच शामिल हैं। इसके अलावा पांच विशेष जांच भी होती है। इन जांचों में लैप्टोस्पाइरा, हर्पीज सिंपलेक्स, एंट्रोवायरस, क्रिप्टो और मेनिन्जाइटिस हैं। ठीक होकर घर जाने वाले बच्चों में किसी तरह के मामले नहीं मिले हैं।
एक नजर मस्तिष्क ज्वर के मरीजों पर
| वर्ष |
मरीज |
मौत |
| 2017 |
38 |
12 |
| 2018 |
29 |
13 |
| 2019 |
16 |
03 |
| 2020 |
06 |
01 |
| 2021 |
15 |
04 |
| 2022 |
11 |
0 |
| 2023 |
14 |
0 |