गोरखपुर। राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदेश के 455 लेखपालों को पदोन्नत देकर राजस्व निरीक्षक बनाया गया है। इनमें गोरखपुर के 19 लेखपाल भी शामिल हैं। हालांकि, पदोन्नति सूची जारी होने के बाद जिले में विवाद खड़ा हो गया है। लेखपाल संघ ने सूची को त्रुटिपूर्ण बताते हुए आठ वरिष्ठ लेखपालों के नाम छूटने का आरोप लगाया है। संघ ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और छूटे हुए नामों पर विचार करने की मांग की है।
पदोन्नति पाने वाले लेखपालों में छोटे लाल, विजय यादव, नरेंद्र कुमार तिवारी, योगेंद्रनाथ यादव, ताराचंद्र यादव, नंदलाल, अशोक कुमार, अशोक कुमार सिंह, आफताब अहमद, उमेश कुमार, दिनेश कुमार, ईश्वरचंद्र यादव, पवन कुमार, राम आशीष, विजय कुमार, अभिषेक कुमार, फूलचंद्र, जयदेव सिंह और धनंजय कुमार शामिल हैं। वहीं लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद का कहना है कि जिले से 27 लेखपालों की पदोन्नति का प्रस्ताव जाना चाहिए था लेकिन सूची में केवल 19 लेखपालों को ही पदोन्नति मिली। आरोप है कि पटल प्रभारियों की ओर से सूची भेजने में हुई त्रुटि के कारण सदर तहसील के पांच और बांसगांव तहसील के तीन वरिष्ठ लेखपाल पदोन्नति से वंचित रह गए।