गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक साथ 26 देशों के छात्र-छात्राएं जुटे तो नजारा अद्भुत दिखा। यहां साझी संस्कृति दिखी तो एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान भी। भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले एशिया व अफ्रीकी महाद्वीप के छात्रों ने हिंदी में संवाद कर अपनी मेधा की अमिट छाप छोड़ी।
भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र-छात्राओं में से ज्यादातर अपने-अपने देशों के पारंपरिक परिधान में नजर आए। सभी ने एआई के दौर में मानवता को तरजीह दिए जाने की वकालत की। मंच से संबोधन हो या स्थानीय छात्र-छात्राओं से बातचीत, अंग्रेजी के साथ मिलाजुला हिंदी बोलकर उन्होंने दिल जीत लिया।
युद्ध के दौर में बुद्ध की धरती से शांति का संदेश
एबीवीपी गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि शनिवार को 26 देशों के सभी 180 छात्र-छात्राएं कुशीनगर पहुंचेंगे। युद्ध के दौर में बुद्ध की धरती से शांति का संदेश दिया जाएगा। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ‘ग्लोबल पीस डायलॉग’ पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधन देंगे। अंतरराष्ट्रीय छात्र भी वहां संवाद में चर्चा करेंगे। शनिवार को सुबह नौ बजे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी गोरखपुर से कुशीनगर के लिए निकलेंगे। वहां भगवान बुद्ध के दर्शन के बाद भ्रमण करेंगे। इसके बाद कार्यक्रम आयोजित होगा।