लीबिया के बेनगाजी में फंसे 16 भारतीयों के दिन बहुत मुश्किल से गुजर रहे हैं। उन्हाेंने एक बार फिर शनिवार की रात अपने घर वालों को वीडियो भेज अपनी पीड़ा बताई। वीडियो में कहा है कि उनके पास न खाने के लिए राशन है और न पीने के लिए पानी। कंपनी मालिक भी घर भेजने को तैयार नहीं हो रहा है।उन्होंने भारत सरकार से वापसी कराने की गुहार लगाई है।
लीबिया में फंसे यह भारतीय दूसरे देश के साथियों के मोबाइल से वह वीडियो भेज रहे हैं। भारतीय दूतावास की पहल पर कंपनी ने यहां फंसे 19 भारतीयों में से बिहार छपरा के धर्मेंद्र सिंह, आजमगढ़ के सत्येंद्र यादव व तिघरा के वीरेंद्र को भारत भेजा था। बाकियों को 15 नवंबर तक भेजने का वादा किया था, लेकिन उसके बाद अभी तक किसी को नहीं भेजा गया।
इन्होंने वीडियो में भारत सरकार से गुहार लगाते हुए कहा है कि वह लीबिया के बेनगाजी शहर में स्थित एक सीमेंट की कंपनी में काम करने के लिए घर से आए थे। यहां आने के कुछ महीने बाद उन्हें बंधक बना लिया गया।
भारतीय दूतावास की एक महिला अधिकारी ने दुबई निवासी कंपनी के मालिक से बात कर उनके वतन वापसी के लिए कहा था। कुछ ही दिन बाद उनके साथ रह रहे तीन लोगों को कंपनी मालिक ने घर भेजा। अन्य को भी भेजने का वादा किया, लेकिन वह नहीं भेज रहे हैं।
गोरखपुर और अन्य जिलों के लोग
वीडियो में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़ सहित अन्य जिलों के 16 भारतीय दिख रहे हैं। इसमें गोरखपुर से गगहा थाना क्षेत्र के गुरमाही निवासी धर्मेंद्र कुमार, इटकौली निवासी अब्बास अली, झंगहा थाना क्षेत्र के सिहोरवा निवासी मिथिलेश विश्वकर्मा, विशाल, राजकुमार साहनी और महुअरकोल निवासी तबरेज खान शामिल हैं।
वहीं, देवरिया जिले के एकौना थाना क्षेत्र के धर्मपुर निवासी अबरार अली, सरांव खुर्द निवासी कन्हैया, रुद्रपुर थाना के सिलहटा निवासी मुकेश यादव, छपरा खुर्द के रामनाथ चौहान, तिघरा खैरवा निवासी वीरेंद्र कुमार, कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र के सिरसिया निवासी सत्यम यादव समेत अलग-अलग जिलों के रहने वाले भारतीय हैं।