गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से निर्माणाधीन 1488 प्रधानमंत्री आवासों के आवंटन प्रक्रिया के दूसरे दिन मंगलवार को भी आवेदकों ने हंगामा किया। जमकर नारेबाजी हुई और सौ से अधिक आवेदकों ने जीडीए के सामने देवरिया बाईपास जाम कर दिया। आवेदक सड़क पर बैठ गए । सूचना पाकर पुलिस के साथ पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने समझा-बुझाकर करीब आधा घंटे बाद जाम खत्म कराया। सोमवार को भी आवेदकों ने जीडीए कार्यालय परिसर में हंगामा किया था।
दूसरे दिन हंगामा तब शुरू हुआ जब शाम करीब पांच बजे लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर जीडीए के अफसर-कर्मचारी उठने लगे। आवेदकां ने धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि लॉटरी बाक्स में उनके नाम की पर्ची ही नहीं डाली गई। वे आवंटन के बाद बाक्स में बची हुई पर्चियों को दिखाने की मांग कर रहे थे। वहीं, जीडीए के अफसरों का कहना है कि बाक्स में सभी के नाम की पर्ची डाली गई थी।
आवेदकों के बीच में से ही किसी को बुलाकर उन्हीं से लॉटरी भी निकलवाई गई। पूरी आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई। आवास की तुलना में आवेदक अधिक होने की वजह से सभी को आवास मिल पाना मुमकिन नहीं। ऐसे में जिन्हें आवास नहीं मिल पाए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने भी सभी को आश्वासन दिया कि अभी बहुत से प्रधानमंत्री आवास प्रस्तावित हैं। निकट भविष्य में उनका भी आवंटन होगा, जिसमें छूटे हुए लोगों को वरीयता मिलेगी।
प्राधिकरण की तरफ से मानबेला में करीब दो साल पहले 1488 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण शुरू कराया गया था। साथ ही पंजीकरण भी शुरू हुआ। सोमवार से आवंटन प्रक्रिया शुरू हुई। पहले दिन करीब 60 फीसदी लोगों को आवास आवंटित हुए जबकि दूसरे और आखिरी दिन बचे हुए सामान्य वर्ग के आवासों का आवंटन हुआ।