गोरखपुर कलेक्ट्रेट। (फाइल फोटो)
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गोरखपुर कलेक्ट्रेट की करीब 118 साल पुरानी इमारत 52.51 लाख रुपये में नीलाम हो गई। 21 लाख रुपये से बोली शुरू हुई और सर्वाधिक बोली लगाने वाली फर्म को कलेक्ट्रेट की सभी इमारत को तोड़ने और उसका मलबा हटाकर इस्तेमाल करने का काम सौंपा गया। जल्द ही कलेक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय के नए इंटीग्रेटेड भवन का निर्माण शुरू होगा। कलेक्ट्रेट का निर्माण वर्ष 1902-03 में कराया गया था।
नई इमारत करीब तीन साल में बनकर तैयार हो पाएगी। तब तक के लिए कलेक्ट्रेट रेलवे बस स्टेशन के सामने पर्यटन विभाग की बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। इसी तरह एसएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के कार्यालय भी अलग-अलग शिफ्ट होंगे।
अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड भवन के प्रथम तल पर एक तरफ डीएम तो दूसरी तरफ एसएसपी कार्यालय होगा। दोनों, कार्यालयों के बीच में एक गैलरी होगी। इस तल पर एक मीटिंग हाल व सिंगल विंडो सिस्टम की भी व्यवस्था रहेगी। नई इमारत तीन तल की होगी जिसमें पार्किंग के साथ ही लिफ्ट की भी सुविधा होगी।
100 गाड़ियों की क्षमता वाली पार्किंग, दूसरे तल पर होगा डीएम कोर्ट
कलेक्ट्रेट के नए इंटीग्रेटेड भवन में 100 गाड़ियों की क्षमता वाली पार्किंग की सुविधा होगी। इमारत पूरी तरह भूकंपरोधी होगी। पार्किंग से तीनों तल पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी। प्रथम तल पर डीएम व एसएसपी के कार्यालय होंगे जबकि दूसरे तल पर डीएम, एडीएम के छह कोर्ट।
इसी तल पर पुलिस अधिकारियों के बैठने की भी व्यवस्था रहेगी। दोनों तल पर टॉयलेट (महिला-पुरुष) की सुविधा रहेगी। तृतीय तल पर मालखाना, रेवेन्यू रिकार्ड रूम, बैरक, लाइब्रेरी, भूमि अध्याप्ति अधिकारी कक्ष, स्ट्रांग रूम, न्यायिक रिकार्ड रूम, स्टेशनरी रूम के अलावा दो किचन व टायलेट होगा।