परीक्षा केंद्र से बाहर लिखी जा रही थीं कॉपिया, डीएम-एसपी ने छापा मार 11 को पकड़ा
कर्मयोगी श्रीपति बाबू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घांटी बाजार का मामला
एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं स्कूल प्रबंधक, परिचारक के घर में साल्वर लिख रहे थे कॉपियां
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/घांटी बाजार/भटनी। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा शनिवार को जिस समय बस्ती में नकलविहीन परीक्षा को लेकर अधिकारियों की पीठ थपथपा रहे थे, उसी दौरान देवरिया में यूपी बोर्ड परीक्षा की शुचिता तार-तार हो रही थी। डीएम और एसपी के छापे में जिले के भटनी नगर पंचायत के घांटी बाजर स्थित एक स्कूल में बड़े पैमाने पर नकल पकड़ी गई। यहां कई परीक्षार्थी बिना मुहर लगी कॉपी पर परीक्षा दे रहे थे, जबकि इनकी कॉपियां साल्वर परिचारक के घर में लिख रहे थे। यहां से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। सभी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। परिचारक रामानंद यादव फरार है। स्कूल के प्रबंधक एक राजनीतिक दल से जुड़े शशि प्रकाश राय हैं।
शनिवार सुबह की पाली में हाईस्कूल के विज्ञान विषय की परीक्षा चल रही थी। तभी जिलाधिकारी अमित किशोर और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर खुटहा गांव निवासी रामानंद यादव के घर छापा मारा। उन्हें यहां बोर्ड परीक्षा की कॉपियां लिखे जाने की सूचना मिली थी। डीएम, एसपी, एसडीएम भाटपाररानी, भटनी थाने के इंस्पेक्टर को परिचारक के घर के दरवाजे पर बोलेरो खड़ी मिली और अंदर कॉपियां लिखी जा रही थीं। टीम ने मौके से स्कूल की मुहर लगी लिखी हुईं छह अ और नौ ब उत्तर पुस्तिकाएं पकड़ी। बड़ी मात्रा में नकल सामग्री भी बरामद हुई। इसके बाद डीएम, एसपी और अन्य अधिकारी भटनी के घांटी बाजार स्थित कर्मयोगी श्रीपति बाबू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे तो वहां कई छात्र बिना मुहर लगी कॉपी पर परीक्षा देते मिले।
बाद में डीएम व एसपी ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि परिचारक के घर और स्कूल से कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें परिचारक के परिवार की महिलाएं भी हैं। एसओ भीष्मपाल सिंह यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी स्कूल परिचारक फरार है। सभी के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
इनकी हुई गिरफ्तार
- डीएम और एसपी के छापे में फरार परिचारक के घर के चार सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें उसकी पत्नी बबली देवी, भाई सदानंद यादव और दो बेटियां सलोनी और शालू शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल के प्रधानाचार्य अशोक राय, चुहिया के उपेंद्र यादव, प्रतापपुर निवासी आशुतोष यादव, मेहरौर के राजकिशोर प्रसाद, चुहिया निवासी विपिन कुमार, खुटहा की किरनी देवी, घांटी बाजार की दिव्या चौरसिया को भी गिरफ्तार किया गया है।
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1- अशोक राय, प्रधानाचार्य कर्मयोगी श्रीपति बाबू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घांटी बाजार।
2- उपेंद्र यादव निवासी चुहिया।
3- आशुतोष यादव निवासी प्रतापपुर।
4- राजकिशोर प्रसाद निवासी मेहरौर।
5- सदानंद यादव (रमानंद का भाई) निवासी खुटहा।
6- विपिन कुमार निवासी चुहिया।
7- सलोनी (रमानंद की बेटी)।
8- किरन देवी निवासी खुटहा।
9- दिव्या चौरसिया निवासी घांटी बाजार।
10- बबली देवी (रमानंद की पत्नी)।
11- शालू यादव (रमानंद की पुत्री)।
केन्द्र व्यवस्थापक और परिचारक की मिलीभगत
स्कूल में परिचारक की बेटी दे रही थी हाईस्कूल की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से चल रही वार्षिक परीक्षा के शुरू होते ही घांटी बाजार स्थित इस स्कूल की शिकायत होने लगी। डीएम एसपी, एसडीएम व डीआईओएस स्तर पर प्रतिदिन स्कूल में बाहर से लिखकर कॉपियां मंगाई जाने की सूचना मिलती रही। अधिकारियों ने शिकायत पर जांच की तो कुछ हद तक इसकी पुष्टि भी होने लगी। लेकिन कॉपी लिखने वाली जगह की पहचान नहीं हो पाई थी। शुक्रवार को जांच के बाद डीएम और एसपी ने इनको रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने एक दिन पूर्व ही एसडीएम भाटपाररानी, एसओ भीष्मपाल सिंह को काम पर लगा दिया था। शनिवार सुबह परीक्षा शुरू होने पर दो पुलिसकर्मी सादे वेश में स्कूल के बाहर घूमने लगे। जैसे ही स्कूल से दो लोग कॉपी लेकर निकले सिपाही उनके पीछे लग गए। सिपाहियों द्वारा बताने के बाद अधिकारियों ने खुटहा गांव को घेर लिया। लेकिन इसकी भनक न तो गांववालों को लगी और न ही नकल कराने वालों को। जब एकदम से कॉपियां लिखने वाली जगह की पहचान हो गई तब डीएम और एसपी ने रमानंद यादव के मकान पर छापा मारा। डीएम एसपी ने बताया कि परिचारक का पूरा परिवार नकल रैकेट से जुड़ा था। साथ ही अन्य कॉपियां भी यहीं से लिखी जा रही थीं।