गोरखपुर। बैंककर्मी बनकर शिक्षक को लोन और लाभ का झांसा देकर 72.80 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में गरिमा सिंह के खिलाफ 10वीं प्राथमिकी दर्ज हुई है।
कुशीनगर के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव निवासी और गोंडा में सरकारी शिक्षक प्रवीण कुमार सिंह की तहरीर पर मंगलवार को एम्स थाने में गरिमा, उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तहरीर के मुताबिक, ध्रुव नारायण और गरिमा दूर के रिश्तेदार हैं। गरिमा ने प्रवीण को खुद को बैंककर्मी बताते हुए गोरखपुर में जमीन दिलाने की बात कही। प्रवीण ने आर्थिक परेशानी बताकर इन्कार किया तो उसने एचडीएफसी बैंक में काम करने और आरबीआई की योजना के तहत लोन कराने का झांसा दिया। कहा कि लोन की ईएमआई वह खुद भरेगी और एक साल में रकम चुका देगी। लोन से मिलने वाले लाभ से प्रवीण जमीन खरीद सकेंगे और कुछ रकम वह कारोबार में लगाएगी।
आरोप है कि अक्तूबर 2024 में गरिमा, प्रवीण को अपने घर लाई और पिता ध्रुव नारायण से मिलवाया। गरिमा उन्हें एक फाइनेंस कंपनी में ले गई, जहां उसके सहयोगी भी मौजूद थे। वहां कई कागजात पर हस्ताक्षर कराने और केवाईसी के बाद एक ही दिन में चार बैंकों से 72.80 लाख रुपये का लोन उनके खाते में आ गया। एसपी सिटी निषिम पाटील ने बताया कि गरिमा सिंह व अन्य आरोपियों के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।ो