-रजिस्ट्री कार्यालय, जीएसटी, यूपी भूलेख पोर्टल का सर्वर रहा स्लो
-ट्रेजरी कार्यालय में भी नेटवर्क खराब होने के कारण बाधित हुआ कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सर्वर स्लो होने के कारण शुक्रवार को लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रजिस्ट्री कार्यालय, ट्रेजरी कार्यालय, यूपी भूलेख पोर्टल में कार्य बहुत धीमी गति से हुए। 100 से अधिक रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इस कारण लोग लौट गए, जबकि जीएसटी पोर्टल का सर्वर स्लो होने के कारण ई वे बिल नहीं निकला और माल लदी 200 से अधिक गाड़ियां रवाना नहीं हो सकीं। इस कारण व्यापारियों का भी नुकसान हुआ।
रजिस्ट्री कार्यालय के दोनों खंड में शुक्रवार को करीब 80 रजिस्ट्री ही हो सकी, जबकि सर्वर स्लो न हो तो करीब 200 संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है। रजिस्ट्री के दस्तावेज ऑनलाइन करने के साथ प्रक्रिया पूरी करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्री का दस्तावेज तैयार कर लिया था, लेकिन सर्वर स्लो होने के कारण दस्तावेज ऑनलाइन नहीं हो पाया और क्रेता-विक्रेता पक्ष के लोगों को जाना पड़ा।
इसी प्रकार यूपी भूलेख के पोर्टल के स्लो होने के कारण रियल खतौनी का कार्य बाधित हुआ, जबकि खतौनी की नकल निकालने गए लोगों को परेशान होना पड़ा। खतौनी के लिए लोगों की लंगी लाइन लगी थी। इसी प्रकार ट्रेजरी कार्यालय में भी नेटवर्किंग के लिए कार्य बाधित हुआ।
जीएसटी पोर्टल का सर्वर स्लो होने के कारण ई वे बिल बड़ी मुश्किल से निकले। इस कारण माल लदे वाहनों को आगे नहीं भेजा जा सका।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने बताया कि शुक्रवार को सुबह से शाम 7:10 बजे ई वे बिल निकलने में कठिनाई हुई। व्यापारियों ने लखनऊ में शिकायत की तो बिल निकलना शुरू हुआ। एक दिन में गोरखपुर में ही करीब पांच लाख रुपये किराए का नुकसान हुआ, क्योंकि खड़े ट्रक और पिकअप वालों को किराया देना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सर्वर में सुधार नहीं हुआ तो व्यापारी विभाग से नुकसान की भरपाई की मांग करेंगे।
सर्वर स्लो होने के कारण रजिस्ट्री कराने में दिक्कत आई। दोनों खंड में करीब 80 रजिस्ट्री हुई होगी, जबकि सामान्य तौर पर हर दिन करीब 200 संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है।
-प्रदीप राणा, एआईजी स्टांप