- एम्स के डॉ. यू वेंकटेश की सर्वे रिपोर्ट
- अनियमित दिनचर्या, शारीरिक श्रम में कमी से बिगड़ रही स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वैसे तो यह कहा जाता है कि युवावस्था मस्ती में बीत जाती है, लेकिन सर्वे रिपोर्ट बताती है कि आजकल का युवा तनावग्रस्त है। देश में 15 से 49 वर्ष के बीच के 17.2 प्रतिशत आबादी हाइपर टेंशन की चपेट में है। इसमें से भी ग्रामीण आबादी (15.5 प्रतिशत) की तुलना में शहरी युवा (18.3 प्रतिशत) अधिक तनाव में हैं। इसकी बड़ी वजह अनियमित दिनचर्या के साथ ही गलत खानपान भी है। इसके अलावा स्वास्थ्य जागरूकता का अभाव भी एक बड़ा कारण है।
एम्स के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. यू वेंकटेश ने देश भर के 803,211 लोगों के बीच हाइपर टेंशन पर एक सर्वे किया था। अध्ययन में 87 प्रतिशत महिलाएं और 13 प्रतिशत पुरुष थे। इनमें भी 70 प्रतिशत ग्रामीण और 30 शहरी थे। सर्वे की रिपोर्ट बताती है कि देश के 17.2 प्रतिशत युवा हाइपर टेंशन के शिकार हैं। इसमें शहरी (18.3 प्रतिशत) और ग्रामीण (15.5 प्रतिशत) है। पुरुषों (18.2 की प्रतिशत) की तुलना में
महिलाएं (16.1 प्रतिशत) कम तनावग्रस्त है।
यह रिपोर्ट यह भी बता रही है कि देश में हरियाणा के युवा सबसे अधिक (32.25 प्रतिशत) तनावग्रस्त हैं। डॉ. यू वेंकटेश ने बताया कि शिक्षा की कमी, खानपान की गलत आदतों, शराब का सेवन, मधुमेह और वैवाहिक स्थिति के अलावा रोजगार और व्यवसाय का असर भी हाइपर टेंशन पर पड़ता है। अध्ययन का यह निष्कर्ष है कि स्वास्थ्य शिक्षा और जांच की व्यापक जरूरत है।