गैर इरादतन हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर जनपद न्यायाधीश पंकज श्रीवास्तव ने बेलीपार थाना क्षेत्र के बिस्टौली खुर्द निवासी चंदन को 10 साल के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को छह माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार मौर्य एवं रविंद्र यादव का कहना था कि वादी उमेश के पिता तीन भाई क्रमशः स्वर्गीय अर्जुन, रामनिवास व उमाशंकर हैं। वादी के पिता अर्जुन रोजगार के चलते मुंबई में रहते थे।
उसी दरम्यान उन्होंने मुंबई में एक मकान अपने पिता के नाम से निर्माण कराया था। इसी बात को लेकर उमाशंकर का परिवार गांव में रहने वाले वादी के बाबा से रंजिश रखते थे। 24 जुलाई 2010 को उमाशंकर का लड़का चंदन वादी के बाबा को बुरी तरह मारा-पीटा और जिला अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया जहां 25 जुलाई 2010 को करीब 3:20 बजे उनकी मौत हो गई।