दहेज हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश कमालुद्दीन ने पीपीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम तिघरा निवासी अभियुक्त पति रोशन वर्मा, सास जानकी देवी व ससुर रामकेवल वर्मा को दस साल के कठोर कारावास व प्रत्येक को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को दो-दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि वादी शिवकरन की बहन सुनैना की शादी घटना के तीन वर्ष पूर्व रोशन से हुई थी। शादी में ही रोशन और उसके परिवार वाले मोटर साइकिल और तीस हजार रुपये की मांग कर रहे थे। इसी मांग के चलते गौना भी नहीं करा रहे थे। वादी के बहुत समझाने के बाद सुनैना के ससुराल वाले तीन साल बाद गौना करा कर ले गए।
लेकिन, एक सप्ताह बाद से ही सुनैना को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 31 जनवरी 2010 से सुनैना अपने ससुराल में नहीं थी। शिवकरन के पूछने पर ससुराल वाले कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे थे। 2 फरवरी 2010 को शिवकरन ने अपनी बहन की गुमशुदगी के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। 4 फरवरी 2010 को पता चला कि ससुराल वालों ने साजिश के तहत सुनैना की हत्या कर उसका शव गांव के पूरब पोखरे में छिपा दिया है।