- सफाई अभियान में हटाया गया 10 डंपर मलबा
गोरखपुर। सुमेर सागर ताल को कूड़ेदान बनाने के मामले में समाजसेवी संगठनों और नागरिकों के विरोध के बाद नगर निगम की नींद टूटी है। निगम की ओर से परिसर में आठ होर्डिंग लगाकर चेतावनी दी गई है कि सुमेर सागर ताल जलीय भूमि है। इसमें कूड़ा फेंकना दंडनीय है।
सुमेर सागर ताल में पिछले कुछ महीनों से कूड़ा डाला जा रहा था। विरोध के बीच शनिवार को सहायक नगर आयुक्त तपन मिश्रा और सफाई निरीक्षक राज विजय की निगरानी में सफाई अभियान चलाया गया। दो जेसीबी और चार हाईवा डंपरों की मदद से 10 डंपर मलबा और मिट्टी हटाई गई। इस दौरान हिमायूंपुर के जागेसर पासी चौराहा निवासी हीरालाल प्रसाद को मलबा गिराते पकड़ा गया। उस पर 200 रुपये जुर्माना लगाया गया।
तीन साल पहले 18.5 एकड़ में फैले सुमेर सागर को पर्यटन स्थल बनाने के लिए 27 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हुई थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ. अनिता अग्रवाल और मनीष चौबे ने कहा कि ताल-पोखरे वर्षा जल संचयन में अहम भूमिका निभाते हैं। निगम को कूड़ा फेंकने वालों पर सख्ती करनी चाहिए।