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Old Is Cool: एआई के दौर में Gen Z के बीच 80s Vintage Look क्यों वायरल, क्या है नॉस्टैल्जिया की क्रेविंग?

Fri, 11 Sep 2026 07:37 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

80s का दौर Gen Z ने देखा नहीं, फिर भी उसका Vintage Look और Culture आज Social Media पर छाया है। AI ने पुराने Fashion, Photos और Technology को नया रूप देना आसान कर दिया है। आखिर बिना उस दौर को जिए Gen Z को 80s इतना Cool क्यों लग रहा है? आइए जानते हैं।

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80s ट्रेंड - फोटो : Ai
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विस्तार
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आज के Gen Z ने 1980 का दौर देखा तक नहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर इस समय 80s फिर से ट्रेंड कर रहा है। पुराने कपड़े, हेयरस्टाइल, कारें, फिल्मों जैसा तस्वीरों का ग्रेन और स्टूडियो वाला लुक AI कुछ ही सेकंड में आज की तस्वीरों में बदल दे रहा है। इस ट्रेंड में आम सोशल मीडिया यूजर्स के साथ नेता और सेलिब्रिटी भी शामिल हैं। लेकिन सवाल है कि जिस दौर को इस पीढ़ी ने देखा ही नहीं, उसके लिए इतना क्रेज क्यों है?

80s का दौर देखा नहीं, फिर भी पसंद क्यों?

Gen Z के लिए 80s सिर्फ एक पुराना दशक नहीं है, बल्कि एक खास लुक और कल्चर है। फैशन, संगीत, फिल्मों, गेमिंग और सोशल मीडिया पर 80s की चीजें बार-बार लौटती हैं। पुराने जमाने की चीजें अब नए अंदाज में पेश की जा रही हैं। पुरानी फोटो, कैमरा, कैसेट, कपड़े, हेयरस्टाइल और कारें अब सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि एक खास 'एस्थेटिक' यानी देखने में आकर्षक स्टाइल बन गई हैं। 

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इसी से जुड़ा एक शब्द है 'एनेमोइया'। इसका मतलब है ऐसे समय के लिए नॉस्टैल्जिया महसूस करना, जिसे आपने खुद कभी देखा या जिया ही नहीं। यानी 80s को पसंद करने के लिए उस दौर में पैदा होना जरूरी नहीं है।

पुरानी टेक्नोलॉजी भी क्यों खींच रही है?

Gen Z का आकर्षण सिर्फ पुराने कपड़ों या तस्वीरों तक सीमित नहीं है। पुरानी टेक्नोलॉजी भी इस विंटेज लुक का हिस्सा बन रही है। कैसेट, पुराने कैमरे और उस दौर की दूसरी चीजें आज की डिजिटल दुनिया से अलग महसूस होती हैं। यही अंतर इन्हें नया और दिलचस्प बनाता है। जिस टेक्नोलॉजी को कभी सामान्य माना जाता था, वही आज विंटेज और कूल दिखाई दे सकती है। यानी पुरानी चीजें अब सिर्फ इस्तेमाल की वस्तुएं नहीं, बल्कि स्टाइल और पहचान का हिस्सा भी बन रही हैं।

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AI ने पुराने दौर को बना दिया आसान

पहले किसी फोटो को पुराने दौर जैसा बनाने के लिए फोटो एडिटिंग की जरूरत पड़ती थी। अब AI ने यह काम काफी आसान कर दिया है। एक सामान्य फोटो दीजिए और AI उसे 80s के फैशन, हेयरस्टाइल, कारों और पुराने कैमरे जैसे विजुअल्स के साथ नया रूप दे सकता है। यही वजह है कि रेट्रो ट्रेंड सिर्फ देखने तक सीमित नहीं रहता। लोग अपनी तस्वीर बनाते हैं, उसे पोस्ट करते हैं और फिर दूसरे लोग उसी अंदाज को दोहराते हैं। यानी कंटेंट सिर्फ देखा नहीं जाता, लोग खुद उसका हिस्सा बन जाते हैं।

Gen Z को इसमें क्या मिलता है?

Gen Z का इंटरनेट कल्चर सिर्फ जानकारी लेने तक सीमित नहीं है। किसी ट्रेंड में शामिल होना, उसे अपने हिसाब से बदलना और फिर शेयर करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। 80s का ट्रेंड इसी वजह से तेजी से फैलता है। हर व्यक्ति एक ही आइडिया को अपनी फोटो, कपड़ों और पसंद के हिसाब से बदल सकता है। इसमें पुराना भी है और नया भी। दौर पुराना है, लेकिन उसे दिखाने का तरीका पूरी तरह नया है।

विंटेज लुक क्यों बन रहा है 'कूल'?

Gen Z के लिए रेट्रो का मतलब सिर्फ अतीत में लौटना नहीं है। पुराने फैशन, कैमरा लुक, हेयरस्टाइल, कारों और टेक्नोलॉजी को नए तरीके से अपनाना ही इसे विंटेज लुक देता है। यानी जो चीजें कभी पुरानी मानी जाती थीं, वही अब सोशल मीडिया पर अलग और कूल दिख सकती हैं। AI इस लुक को अपनाना और अपनी तस्वीरों में इस्तेमाल करना और आसान बना देता है।

नॉस्टैल्जिया सिर्फ यादों की बात नहीं

नॉस्टैल्जिया को लेकर हुए कई मनोवैज्ञानिक शोध बताते हैं कि पुरानी यादों से जुड़ी चीजें लोगों में खुशी और सामाजिक जुड़ाव की भावना पैदा कर सकती हैं। लेकिन Gen Z के मामले में एक दिलचस्प बदलाव है। यहां नॉस्टैल्जिया हमेशा अपनी यादों से नहीं आता। कई बार युवा उस दौर की तरफ आकर्षित होते हैं, जिसे उन्होंने खुद कभी देखा ही नहीं।
सोशल मीडिया इस भावना को और मजबूत करता है। एक पुरानी फिल्म, गाना, फोटो, फैशन या टेक्नोलॉजी कुछ ही समय में नई पीढ़ी के लिए नया ट्रेंड बन सकती है।

सोशल मीडिया पर 'वाइब' क्यों जरूरी है?

आज सोशल मीडिया पर सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि कंटेंट में क्या कहा जा रहा है। यह भी मायने रखता है कि वह कैसा दिखता है और लोग उससे कितना जुड़ पा रहे हैं। Gen Z के लिए मीम्स, Reels, म्यूजिक, ट्रेंड्स और विजुअल कंटेंट इंटरनेट की रोजमर्रा की भाषा बन चुके हैं। ऐसे में 80s का विंटेज लुक भी इसी विजुअल भाषा का हिस्सा बन जाता है।

80s से लेकर AI तक

Gen Z के लिए 80s का यह ट्रेंड सिर्फ पुराने जमाने की वापसी नहीं है। यह दिखाता है कि इंटरनेट किस तरह अलग-अलग दौर की चीजों को उठाकर उन्हें नए रूप में पेश करता है। पुराने कपड़े, कैमरे, कैसेट, कारें और टेक्नोलॉजी अब विंटेज लुक और स्टाइल का हिस्सा बन सकते हैं। AI ने इस पूरे अनुभव को और आसान बना दिया है। यानी Gen Z ने 80s को जिया नहीं, लेकिन इंटरनेट ने उसे उसकी अपनी भाषा में फिर से जिंदा कर दिया।
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