सुबह 9 बजे ऑफिस पहुंचना, दिनभर अपना काम करना और शाम होते ही समय पर घर निकल जाना... सुनने में तो यह बिल्कुल सामान्य कामकाजी दिन लगता है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में एक Gen Z कर्मचारी का यही अंदाज उसके CEO को पसंद नहीं आया। CEO ने उसे सलाह दी कि अगर कंपनी में आगे बढ़ना है तो कर्मचारी की तरह नहीं, बल्कि मालिक की तरह सोचना होगा। कर्मचारी ने भी ऐसा जवाब दिया कि मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
Gen Z कर्मचारी ने इस बात को अपने ही अंदाज में पलट दिया। उसने CEO से पूछा- अगर आप चाहते हैं कि मैं मालिक की तरह सोचूं, तो क्या आप मुझे कंपनी का 50 फीसदी हिस्सा देने के लिए तैयार हैं?
One of my Gen Z coworkers has a routine that drives our CEO crazy. Every afternoon, around 4:50 PM, he starts wrapping things up, shuts down his computer, and at exactly 5:00 PM, he’s out the door.
— Mario, PT (@Mario_Sneh) September 29, 2026
Not 4:59. Not 5:01. Exactly 5:00.
What’s funny is that he’s just as precise in…
इस पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कर्मचारी अपना काम तय समय में पूरा कर रहा है और उसके लक्ष्य पूरे हो रहे हैं, तो शाम 5 बजे घर जाने में कोई दिक्कत नहीं है। उनके मुताबिक, सिर्फ देर तक ऑफिस में बैठे रहने को मेहनत या जिम्मेदारी का पैमाना नहीं माना जा सकता।
इस पूरी बहस में एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा- आखिर कंपनी कर्मचारी से कितना अतिरिक्त काम और जिम्मेदारी की उम्मीद कर सकती है?
आज की Gen Z के लिए नौकरी सिर्फ वेतन पाने का जरिया नहीं है। काम के घंटे, निजी जिंदगी के लिए समय और अपनी सीमाएं तय करना भी उनके लिए अहम मुद्दे हैं। ऐसे में ‘कंपनी के लिए कुछ अतिरिक्त करना’ और ‘अपनी तय जिम्मेदारियों से आगे जाकर काम करना’ दोनों के बीच की सीमा को लेकर बहस लगातार बनी हुई है।
वायरल पोस्ट ने इसी सवाल को नए अंदाज में सामने रखा है। अगर कर्मचारी से कहा जाए कि वह मालिक की तरह सोचे, तो उसका जवाब भी यही हो सकता है- अगर जिम्मेदारी मालिक जैसी है, तो क्या कंपनी में हिस्सा भी मालिक जैसा मिलेगा? हालांकि, इस वायरल पोस्ट में कर्मचारी, CEO या कंपनी की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट के आधार पर सामने आया है।