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Slang: संसद तक कैसे पहुंचा Gen-Z का 'Clocked It', पीएम मोदी की तारीफ में बांसुरी स्वराज ने क्यों कहा ये शब्द?

Tue, 28 Jul 2026 06:39 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

नीट पेपर लीक और परीक्षा सुधारों पर लोकसभा में बहस के दौरान भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए Gen Z के लोकप्रिय स्लैंग Clocked It का इस्तेमाल किया। इसके बाद यह शब्द संसद से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया। आइए जानते हैं कि आखिर इस शब्द का मतलब क्या है और बांसुरी स्वराज ने इसका इस्तेमाल क्यों किया।
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भाजपा सांसद बांसुरी स्वारज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा के मानसून सत्र में नीट पेपर लीक और परीक्षा सुधारों को लेकर जोरदार बहस जारी है। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए Gen-Z का लोकप्रिय ट्रेंड "Clocked it" का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अगर युवाओं की भाषा में कहा जाए तो "मोदी जी ने इसे पूरी तरह सही समझा और सही समाधान पेश किया।"

Gen-Z के अंदाज में पीएम की तारीफ

एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज ने कहा, "Gen-Z की भाषा में कहूं तो, मोदी जी ने इसे 'Clocked it' किया है।" सोशल मीडिया और युवाओं के बीच प्रचलित इस स्लैंग का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कोई व्यक्ति किसी स्थिति को सही तरीके से समझे, उसकी सटीक पहचान करे या बिल्कुल सही प्रतिक्रिया दे। आसान शब्दों में इसका मतलब है बिल्कुल सही समझा", "कमाल कर दिया" या "सही पकड़ा।"

Clock it कैसे किया जाता है?

  • Gen-Z संस्कृति में 'Clock it' सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक खास हैंड जेस्चर के साथ भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • इसमें अंगूठे और बीच वाली उंगली के सिरों को हल्के से आपस में मिलाया जाता है।
  • बाकी तीन उंगलियां (तर्जनी, अनामिका और छोटी उंगली) खुली रहती हैं।
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Clock it - फोटो : Ai

संशोधन विधेयक का किया समर्थन

बांसुरी स्वराज ने कहा कि वह पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के समर्थन में खड़ी हैं। उनके मुताबिक यह केवल एक कानूनी संशोधन नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में बड़ा और जरूरी सुधार है। उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगी परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने पर सिर्फ एक छात्र का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। इसलिए सरकार का यह कदम समय की जरूरत है।

सरकार क्यों लाई संशोधन विधेयक?

सरकार ने हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए मौजूदा कानून को और सख्त बनाने का प्रस्ताव रखा है। संशोधन के जरिए ऐसे मामलों की समयबद्ध जांच, फास्ट-ट्रैक सुनवाई और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा रही है।

पीएम मोदी ने टास्क फोर्स का किया एलान

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की थी। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़े कानूनी प्रावधानों जैसे कदम उठा चुकी है, लेकिन अब परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाने की जरूरत है।

नीट विवाद के बाद बढ़ा दबाव

सरकार का यह कदम नीट पेपर लीक विवाद के बाद उठाया गया है, जिसने देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस मामले को लेकर छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और सरकार पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ा। इसी क्रम में अब सरकार परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार और कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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