Gen Z के लिए Reels बना शॉर्ट वीडियो का बड़ा प्लेटफॉर्म
Gen Z की बात करें तो Reels अब शॉर्ट-फॉर्म वीडियो देखने और नए कंटेंट को एक्सप्लोर करने का एक प्रमुख प्लेटफॉर्म बन चुका है। स्टडी के मुताबिक, 89% Gen Z रोजाना Reels पर अलग-अलग तरह के कंटेंट, कल्चर और क्रिएटर्स को देखते और खोजते हैं।
Reels पर सिर्फ एंटरटेनमेंट ही नहीं, बल्कि अलग-अलग तरह के कंटेंट की डिमांड है। ब्यूटी और मेकअप 52%, फैशन और ट्रेंड्स 52%, लाइफस्टाइल और फिटनेस 42%, कॉमेडी 39% और स्पोर्ट्स 38% प्रमुख कैटेगरी हैं।
रील्स से क्या हो रहा तय?
Reels का असर सिर्फ यह तय करने तक नहीं है कि यूजर क्या देखेगा। यह लोगों को नए प्रोडक्ट्स के बारे में जानने और खरीदारी के फैसले लेने में भी प्रभावित कर रहा है। स्टडी के मुताबिक, Reels के जरिए किसी प्रोडक्ट के बारे में पता चलने की संभावना 81% ज्यादा है, जबकि खरीदारी के फैसले पर इसका प्रभाव 47% ज्यादा है। यानी जिस वीडियो को यूजर कुछ सेकंड के लिए स्क्रॉल करते हुए देखता है, वही उसके अगले सर्च या शॉपिंग डिसीजन की वजह भी बन सकता है।
वीडियो अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, डिजिटल लाइफ का हिस्सा
आंकड़ों से साफ है कि भारत में वीडियो की पहुंच तेजी से बढ़ी है। शहरों से लेकर गांवों तक यूजर्स का बड़ा हिस्सा रोजाना वीडियो देख रहा है और Gen Z के लिए Reels कंटेंट, क्रिएटर्स, ट्रेंड्स और नए प्रोडक्ट्स को एक्सप्लोर करने का अहम जरिया बन रहा है।