एक समय था जब शॉपिंग का मतलब था खूब खर्च करना। लेकिन अब Gen Z का नया फंडा है कम खर्च, स्मार्ट खरीदारी। इंस्टाग्राम से मिले वायरल प्रोडक्ट हों, उनके सस्ते ड्यूप्स या फिर होम मेड गिफ्ट्स। यह जनरेशन हर खरीदारी में पैसे की पूरी कीमत चाहती है। कुछ समय पहले तक ऐसा माना जा रहा था कि Gen Z पूरी तरह ऑनलाइन शॉपिंग की ओर बढ़ जाएंगे लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है. हालिया रिपोर्ट की मानें तो युवा अब भी फिजिकल स्टोर्स में खरीदारी करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
Gen Z ने मॉल कल्चर को भी नई रफ्तार दी है। वीएमएल की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 58% Gen Z नियमित रूप से मॉल जाते हैं। उनके लिए मॉल सिर्फ दोस्तों के साथ समय बिताने की जगह भर नहीं है बल्कि खरीदारी की वो जगह है, जहां वो इवेंट्स में शामिल होते हैं और ब्रांड्स को करीब से अनुभव करते हैं। 33% उपभोक्ताओं ने बताया कि वो सामान तुरंत मिलने के कारण स्टोर जाना पसंद करते हैं। वहीं, आधे से अधिक लोगों का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग में वह अनुभव, उत्साह और सामाजिक जुड़ाव नहीं मिलता, जो मॉल और दुकानों में खरीदारी के दौरान मिलता है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 56% उपभोक्ता ऐसे स्टोर्स चाहते हैं, जो आधुनिक, आकर्षक और अलग तरह का खरीदारी अनुभव दें। इससे साफ है कि अब रिटेल स्टोर्स के बीच मुकाबला केवल उत्पादों या सुविधा का नहीं, बल्कि बेहतर और यादगार शॉपिंग एक्सपीरियंस देने का भी है।
रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों में पूरी पारदर्शिता भी युवाओं के लिए बेहद जरूरी है। लगभग 70% उपभोक्ता चेकआउट के समय अचानक जुड़ने वाले Hidden Charges की वजह से अपनी खरीदारी बीच में ही छोड़ देते हैं। इसके अलावा, Gen Z उन ब्रांड्स को ज्यादा पसंद करती है, जो खरीदारी के साथ कैशबैक, लॉयल्टी पॉइंट्स, एक्सक्लूसिव ऑफर्स, इवेंट्स या ट्रैवल जैसी सुविधाएं देते हैं।
Gen Z को आकर्षित करने के लिए रिटेल कंपनियां क्या कर रही हैं?
रिटेल कंपनियां और मॉल ऑपरेटर अब Gen Z को आकर्षित करने के लिए अपनी रणनीति बदल रहे हैं। सिर्फ सामान बेचने के बजाय वे ऐसे अनुभव तैयार कर रहे हैं, जिन्हें युवा महसूस करें, दोस्तों के साथ शेयर करें और सोशल मीडिया पर पोस्ट करना चाहें। इसी वजह से स्टोर्स में अब एक्सपीरियंस जोन, कम्युनिटी इवेंट्स और सोशल मीडिया-फ्रेंडली डिजाइन पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Gen Z सिर्फ खरीदारी करने के लिए स्टोर नहीं जाते, बल्कि कुछ नया देखने, अलग अनुभव लेने और अपनी पहचान दिखाने के लिए भी वहां पहुंचते हैं। अगर किसी ब्रांड या जगह का अनुभव उन्हें पसंद आता है, तो वे उसे सोशल मीडिया पर शेयर करके लाखों लोगों तक पहुंचा देते हैं।