हार्वर्ड की इस रिसर्च में कुछ ऐसी छुपी हुई जानकारी और दिलचस्प बातें भी सामने आई हैं जो पहली नजर में नहीं दिखतीं। चलिए, इस रडार के थोड़ा और अंदर चलते हैं और देखते हैं कि Gen Z और AI के बीच और क्या 'पक' रहा है।
4. The AI Paradox: इस्तेमाल भी और नफरत भी
इस रिसर्च का सबसे मजेदार हिस्सा यह है कि Gen Z, AI के साथ एक पसंद-नापसंद वाले रिश्ते में है।
- The Struggle is Real: जहां एक तरफ वे अपनी नौकरी में सबसे आगे रहने के लिए एआई के साधनों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं दूसरी तरफ वे सोशल मीडिया पर ऐसी चीजों को पसंद करते हैं जो "पूरी तरह मानवीय" हों।
- Authenticity की भूख: शोध बताती है कि जितना ज्यादा एआई से बना कंटेंट बढ़ रहा है, जेन जी उतना ही ज्यादा हाथ से बना, कच्चा और बिना छेड़छाड़ वाला कंटेंट तलाश रहा है। उनके लिए एआई 'काम' के लिए अच्छा है, लेकिन 'भरोसे' के लिए नहीं।
5. AI शिक्षक नहीं, मार्गदर्शक है
जेन जी अब पारंपरिक तरीके से नहीं सीख रहे हैं। वे AI को एक निजी मार्गदर्शक की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
- असान भाषा में जानकारी: AI हर किसी को पांच साल के बच्चे की तरह समझता है और मुश्किल सवालों को आसान भाषा में समझाने में मदद करता है।
- आत्मविश्वास बढ़ाने वाला: इंटरव्यू से पहले तैयारी के लिए AI से बेहतर कोई नहीं है. किसी मुश्किल सवालों का जवाब देना हो, Gen Z अब AI का इस्तेमाल अपनी घबराहट कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए कर रहा है।
6. The Prompt Engineers: नई भाषा का जन्म
शोध के अनुसार, इस पीढ़ी ने अनजाने में एक नई कौशल क्षमता हासिल कर ली है, जिसे संकेत देकर काम करवाना कहते हैं।
- आज के युवा जानते हैं कि मशीन से सही काम कैसे निकलवाना है।
- जहां पुरानी पीढ़ी AI से डरी हुई है, जेन जी इसे एक रचनात्मक साथी की तरह दिशा दे रहा है। वे जानते हैं कि AI एक बेहतरीन कलाकार है, लेकिन उसका निर्देशक हमेशा एक इंसान ही रहना चाहिए।
7. नौकरी जाने का डर नहीं : Gen Z को सता रही कॉम्पटीशन बढ़ने की चिंता
जेन जी को अपनी नौकरी जाने का डर कम है, बल्कि उन्हें डर है कि AI में माहिर लोग उनकी जगह ले लेंगे। रिसर्च में पता चलता है कि जेन जी अब अपने रिज्यूम में सिर्फ अपनी डिग्री नहीं, बल्कि यह भी दिखाना चाहते हैं कि AI के इस्तेमाल में वो कितना माहिर हैं। वे जानते हैं कि भविष्य AI vs Human नहीं, बल्कि "Human + AI vs Only Human" का है।