यशस्वी यादव
सनग्लासेस केवल धूप से ही नहीं बचाते, बल्कि आपको स्टाइलिश लुक भी देते हैं। ऐसे में इनके कुछ ट्रेंडी डिजाइन अपने एक्सेसरीज कलेक्शन में जरूर शामिल करें। गर्मी का मौसम आते ही चश्मों का बाजार गरमा जाता है। धूप और धूल से होने वाली एलर्जी से बचने के लिए ये चश्मे हमारा सहारा बनते हैं। यूं तो तेज धूप और धूल से आंखों को बचाने के लिए हर उम्र के अधिकांश लोग चश्मे का उपयोग करते हैं, लेकिन युवा वर्ग चश्मों को लेकर बेहद गंभीर है। ऐसे में स्टाइलिश लुक और नई डिजाइन के गॉगल्स बाजारों में उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें।
फ्रेम मटेरियल
अगर आप मेटल के सनग्लासेस ले रही हैं तो उसके मटेरियल पर ध्यान दें। ऐसा मेटल खरीदें, जो एलर्जी फ्री हो और गरम होने पर उसका आकार न बदल जाए। फ्रेम टीआर (थर्मोप्लास्टिक) 90 मटेरियल का हो। सनग्लासेस की क्वालिटी सही होने से आपकी त्वचा पर उसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है और आंखें भी सुरक्षित रहती हैं।
ट्रेंड में पावर सनग्लास
जो महिलाएं और लड़कियां पॉवर वाले चश्मों का उपयोग करती हैं, वे भी आसानी से अपनी आंखों की स्थिति के अनुसार सनग्लास बनवा सकती हैं। इससे आपके देखने का पोस्चर ठीक रहेगा और यूवी किरणों से आंखों को बचाए भी रख सकेंगी। साथ ही पोलराइज्ड लेंस वाले सनग्लास भी आप अपने नंबर के अनुसार बनवा सकती हैं। इसमें आपका आई विजन भी क्लियर रहता है और यूवी प्रोटेक्शन भी मिलता है।
ओवरसाइज फ्रेम
ओवरसाइज्ड फ्रेम रेट्रो फैशन हैं, जो कि आजकल ट्रेंड में हैं। महिला हो या पुरुष, दोनों पर ही यह स्टाइल अच्छा लगता है। यह राउंड, स्क्वायर, ओवल जैसे कई तरह के शेप्स में आते हैं। वैसे ओवरसाइज फ्रेम में ब्राइट कलर्स ही ज्यादा अच्छे लगते हैं।
शील्ड सनग्लासेस
यह ग्लासेस पूरी आंखों को कवर करते हैं। ऐसे फ्रेम आंखों के लिए एक शील्ड का काम करते हैं। अगर आप लंबे समय तक सूरज के संपर्क में रहती हैं तो ये आपके लिए परफेक्ट हैं। शील्ड सनग्लासेस में अधिकतर डार्क फ्रेम्स ही आते हैं।
ज्योमैट्रिक फ्रेम
ज्योमैट्रिक फ्रेम के सनग्लासेस ट्रेंडी और कूल लुक देने का काम करते हैं। ये गोल चेहरे पर सबसे अच्छे दिखते हैं और इनका ऑक्टागोनल फ्रेम चेहरे के एंगल्स को खूब निखरता है। आप इन सनग्लासेस को मेटल में ट्राई करें। इसके साथ गोल्ड रंग जैसे हल्के कलर के फ्रेम्स पहनें, जो आपके स्टाइल को अपग्रेड करेंगे।
डॉ. अनुराग नरूला, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली
धूप का चश्मा आंखों को पराबैंगनी (यूवी) किरणों से बचाता है। यूवी किरणें पलक, कॉर्निया, लेंस और रेटिना पर हानिकारक प्रभाव डालती हैं। धूप का चश्मा खरीदते समय ध्यान रखें कि उस पर एक टैग या स्टिकर हो, जिसमें लिखा हो कि वह सभी यूवी किरणों से 100 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करता है। आंखों को सूर्य किरणों की क्षति से बचाने के लिए चश्मे का लेंस बड़ा हो। रंगीन लेंस वाले चश्मे धूप को अधिक रोक नहीं पाते हैं, हालांकि भूरे या गुलाबी रंग के लेंस सही रहते हैं। गलत धूप का चश्मा चुनने से मोतियाबिंद, आंखों के कैंसर और कॉर्निया को फोटोकेराटाइटिस क्षति होने का खतरा बढ़ जाता है।
कपिल त्यागी, सीनियर ऑप्टोमेट्रिस्ट और सनग्लासेस ट्रेंड एक्सपर्ट
सनग्लासेस न सिर्फ हमें स्टाइलिश लुक देते हैं, बल्कि गर्मी के मौसम में भयंकर धूप, धूल-मिट्टी, यूवी किरणों और मोतियाबिंद जैसी आंखों की बीमारियों से भी बचाते हैं। आज के समय में आंखों का खास ध्यान रखने के लिए स्टाइलिश और कूल गॉगल्स की डिमांड काफी बढ़ गई है।