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पर्दे की ड्रेस बनवाने से लेकर फैशन आइकॉन बनने तक, उम्दा रहा ब्रह्मांड सुंदरी 'सुष्मिता सेन' का सफर

Thu, 12 Dec 2019 04:22 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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- फोटो : instagram
पूर्व मिस यूनिवर्स और बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन का जन्म 19 नवंबर 1975 को हैदराबाद में हुआ था। 43 साल की उम्र में भी उनके चेहरे की चमक बरकरार है। आज भी लाखों लोग उनकी एक मुस्कुराहट के  दीवाने हैं। सुष्मिता ही वह पहली महिला है जिसने 1994 में मिस यूनीवर्स का खिताब भारत के नाम किया था। आपको जानकर हैरानी होगी जिस वक्त उन्होंने इस खिताब को भारत की झोली में डालकर देश का नाम रौशन किया था उस समय उनके पास प्रतियोगिता के लिए अच्छा गाउन खरीदने तक के पैसे नहीं थे। बावजूद इसके सुष्मिता ने हार नहीं मानी और आज फैशन इंडस्ट्री का जाना माना नाम हैं। 

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- फोटो : सोशल मीडिया
साधारण सी दिखने वाली सुष्मिता का दूर दूर तक बॉलीवुड और फैशन इंडस्ट्री में कोई कनेक्शन नहीं था। उस समय उनके घर की आर्थिक स्थिती भी अच्छी नहीं थी। इसके अलावा उनके सामने एक और बहुत बड़ी चुनौती थी जिससे वह पहले ही डर कर भाग रही थीं।
 
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- फोटो : social media
एक तरफ जब प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए लड़कियों के पास महंगे डिजाइनर गाउन थे, वहीं सुष्मिता सेन के पास इतने पैसे नही थे कि प्रतियोगिता के चार राउंड के लिए मंहगी ड्रेस खरीदें। 

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- फोटो : social media
सुष अपनी मां के साथ दिल्ली के सरोजनी नगर मार्केट गई जहां उन्होंने परदे का कपड़ा और एक जोड़ी जुराब खरीदी। सुष के घर के नीचे गैराज में एक दर्जी बैठता था। उनकी मां ने उसी को वो पर्दे का कपड़ा थमाते हुए बोला ''देखो, टीवी पर आना है, अच्छी सी ड्रेस सिल दो।'' आपको जानकर हैरानी होगी की रैंप पर उन्होंने जो अपने हाथों में गल्वस पहने थे, वो उनकी मां ने मोजे से तैयार किए थे।
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- फोटो : social media
बस फिर क्या था सुष ने वही ड्रेस और दस्ताने पहन कर सिर्फ मिड इंडिया के रैंप पर वॉक किया। पहले रनर अप के लिए जब ऐश का नाम पुकारा गया तो उनकी आंखों में यह सोचकर आंसू आ गए थे कि उन्हें लगा कि वह पहली रनर अप भी नहीं बन पाईं, क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह ऐश को हरा देंगी, लेकिन इसके बाद जब मिस इंडिया 1994 के लिए उनके नाम की घोषणा हुई, तो उनके तो जैसे होश ही उड़ गए।
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- फोटो : social media
इस प्रतियोगिता में ऐश और सुष के बीच टाय हुआ था। 29 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जब किन्ही दो प्रतियोगियों के प्वाइंट भी बराबर हो। दोनों के प्वाइंट बराबर होने पर ऐश और सुष से फिर से सवाल पूछे गए और आखिर में ऐश के नंबर 9.39 जबकि सुष के 9.41 थे। इसके बाद सुष्मिता ने मिस कोलंबिया को हरा कर ब्रह्मांड सुंदरी का खिताब अपने नाम किया। यह पहली बार था जब किसी भारतीय सुंदरी ने यह खिताब जीता हो।
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- फोटो : सोशल मीडिया
सूंदर, साधारण और सेंसिटिव सुष्मिता भले ब्रह्मांड सुंदरी का खिताब अपने नाम कर चुकी हों लेकिन जमीन से जुड़े रहना पसंद करती हैं। सुष्मिता की ये खूबी उनके स्टाइल और फैशन में भी दिखती है। किसी भी फंक्शन से हिसाब से उनकी ड्रेसिंग काफी सटीक और आकर्षक होती है। सिंपल होते हुए वो फैशन गोल्स देने से कभी नहीं चूकती हैं। 
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