अक्सर कॉन्टैक्ट लेन्स के रखरखाव और सावधानियों से घबराकर हम इन्हें पहनने में हिचकिचाते हैं। इनसे जुड़ी जानकारी के अभाव में हम कॉन्टैक्ट लेन्स खरीद तो लेते हैं लेकिन इनके इस्तेमाल से कतराते हैं। अगर आप भी कॉन्टैक्ट लेन्स की मदद से अपने चश्मे से छुटकारा पाना चाहते हैं तो इनके रखरखाव और उपयोग से संबंधित जानकारी आपके लिए मददगार होगी।
कॉन्टैक्ट लेन्स का इस्तेमाल
कॉन्टैक्ट लेन्स आंखों में लगाते वक्त सबसे जरूरी है कि आपके हाथ धुले हों और अच्छी तरह सूख चुके हों। इसके अलावा, जिस कॉन्टैक्ट लेन्स को आप दायीं आंख में लगाते हैं उसे हमेशा दाई ओर ही लगाएं और जिसे बायीं आंख में लगाते हैं उसे बायीं ओर ही लगाएं।
लेन्स लगाने से पहले सॉल्यूशन भरे लेन्स केस को शेक करें और लेन्स को हथेलियों पर रखें। अब तर्जनी उंगली से लेन्स को उठाकर आंखों पर सेट करें। लेन्स सेट करते वक्त ऊपर की ओर देखने से आसानी होगी। अब आंखें बंद कर आंख की पुतली को गोलाकार घुमाएं। जब तक लेन्स भलि-भांति नहीं लगेगा आपको साफ दिखाई भी नहीं देगा।
लेन्स निकालते वक्त सावधानियां
कॉन्टैक्ट लेन्स निकालने से पहले भी हाथ अच्छे से साफ करें। लेन्स निकालते वक्त पलकें झुकाएं और और ऊपर या किनारे की ओर देखें। अगर आपको हाथ से कॉन्टैक्ट लेन्स निकालने में दिक्कत होती हो तो डॉक्टर के परामर्श से 'प्लंगर' की सहायता से लेन्स निकालें।
कॉन्टैक्ट लेन्स और अल्ट्रावॉयलेट रे
आजकल बाजार में अल्ट्रावॉयलेट किरणों से सुरक्षा करने वाले कॉन्टौक्ट लेन्स भी मौजूद हैं पर आप इनके इस्तेमाल के वक्त यह ध्यान रखें कि ये लेन्स कभी भी गॉगल्स यानी धूप के चश्में का विकल्प नहीं हो सकते क्योंकि ये सिर्फ आंख की पुतली का बचाव करते हैं जबकि अल्ट्रावॉयलेट किरणों से पूरी आंखों को नुकसान होता है।
मेकअप के साथ लेन्स
अक्सर महिलाएं के लिए कॉन्टैक्ट लेन्स के साथ आंखों के मेकअप थोड़ा असुविधाजनक होता हैं लेकिन अगर थोड़ी सी सावधानी के साथ आंखों पर मेकअप किया जाए तो इसमें कोई नुकसान नहीं। आई लाइनर और काजल लगाने के पहले कॉन्टैक्ट लेन्स पहन लें।
कॉन्टैक्ट लेन्स के साथ जब भी आई शैडो का इस्तेमाल करें तो कोशिश करें कि आई शैडो क्रीम के रूप में हो न कि पाउडर। वाटर बेस्ड क्रीम आई शैडो अच्छा विकल्प है। हमेशा आई मेकअप उतारने से पहले अपने हाथ धोएं और कॉन्टैक्ट लेन्स हटाएं, इसके बाद ही रिमूवर का इस्तेमाल करें।